- स्कूल की छुट्टी के वक्त लगता है जाम, जनता होती है हलकान
- स्कूल प्रशासन की लापरवाही, राहगीरों को होती है परेशानी
- चिलचिलाती धूप में आप फंस सकते हैं दो किमी लंबे जाम में
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: सरधना रोड पर सेंट फ्रांसिस स्कूल की छुट्टी होने का मतलब है, लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो जाना। बच्चों के परिजन स्कूल के बाहर पहुंचते हैं और मनमाने तरीके से वाहन खड़े करते हैं, जिसके चलते छुट्टी होते ही जाम के हालात बन जाते हैं। स्कूल प्रशासन को छुट्टी के समय जाम से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए, पर उसे इससे कोई सरोकार नहीं। यही कारण है कि लोग कई सालों से यहां जाम के झाम में फंसते आ रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस मामले में पुलिस की तरफ से भी स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई के लिए कदम नहीं उठाया गया।

सरधना रोड से यदि आप दोपहर 12 बजे के आसपास निकालना चाहते हैं तो जरा सोच समझकर निकलें। इस चिलचिलाती धूप में आपको दो किलोमीटर लंबा जाम मिल सकता है। झुलसा देने वाली गर्मी में जाम तो लगता ही है और उससे आसानी से छुटकारा भी नहीं मिलता। दरअसल,12 बजे के कुछ देर बाद ही सेंट फ्रांसिस स्कूल की छुट्टी होती हैं। स्कूल प्रशासन राहगीरों की दिक्कत से कोई सरोकार नहीं।
स्कूल के सामने पूरी सड़क पर बच्चों के अभिभावकों का जमावड़ा हो जाता है। उनके वाहन भी होते हैं। इसके चलते रोजाना ही करीब दो किमी लंबा जाम लगता है। इस दौरान ना तो स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था है और न हीं पुलिस प्रशासन की तरफ से राहगीरों को निकालने के लिए कोई व्यवस्था की जा रही है। ऐसा नहीं है कि इस जाम की समस्या से विद्यालय प्रशासन वाकिफ नहीं है, लेकिन वह चुप्पी साधे रहता है।
आखिर बच्चे क्या सीख ले रहे?
बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बचपन में बच्चों में सीखने को ललक भी अधिक होती हैं। जब छोटे बच्चे जाम से निकलने के लिए अपने ही परिजनों को आपाधापी करते देंखेगे तो उनका भविष्य कैसा होगा और वह क्या सीखेगे?
कार्रवाई की जाएगी
वहीं, इस संबंध में कंकरखेड़ा थाना प्रभारी विष्णु कौशिक का कहना है कि राहगीरों को स्कूल की छुट्टी होने पर लगने वाले प्रतिदिन जाम से काफी परेशानी हो रही है। अभी पुलिस बल चुनाव में लगा हुआ है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

