- कैंट का सिविल एरिया नगर निगम में शामिल करने को हो रहा है सर्वे
- सिविल एरिया गया तो घट जाएंगे आठों वार्ड के वोटर
- महज चार से पांच हजार वोटर ही बचेंगे आठ वार्ड में
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक ओर कैंट में संभावित उम्मीदवार चुनाव की तैयारी में लगे हैं तो दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय की ओर कैंट के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल कराने के लिये सर्वे कराया जा रहा है। अगर कैंट का यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल होता है तो कई उम्मीदवारों के सपनों पर पानी फिर जायेगा।
अगर अंदाजा लगाया जाये तो कैंट क्षेत्र के दर्जनों मोहल्ले सिविल एरिया में हैं ऐसे हजारों की संख्या में कैंट के वोटर नगर निगम में शामिल हो जाएंगे जिससे संभावित उम्मीदवारों की तैयारी धरी की धरी रह जाएगी।
बता दें कि कैंट बोर्ड के निर्वाचित मेंबरों का कार्यकाल 12 जुलाई 2021 को समाप्त हो गया था। जिसके बाद से कैंट क्षेत्र के आठों वार्ड के संभावित उम्मीदवारों ने यहां चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से कैंट एक्ट में बदलाव की की गई इससे संबंधित एक बिली भी संसद सत्र में पेश होना है|
जिसे लेकर कैंट में चुनाव के आसार नहीं दिखाई पड़े। इसके बाद बोर्ड में एक मनोनीत सदस्य का चयन हो गया जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी हाल फिलहाल में कैंट बोर्ड में चुनाव होना मुश्किल है।
यहां तक की मनोनीत सदस्य सतीश चंद्र शर्मा की शपथ भी हाल फिलहाल में ही हुई है। अब वर्तमान की बात करें तो कैंट क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने को लेकर सर्वे भी शुरू हो चुका है। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय से सर्वे कराया जा रहा है अगर कैंट क्षेत्र का सिविल एरिया नगर निगम में शामिल हुआ तो यहां वार्ड मेंबर बनने का सपना देखने वालों की तैयारी धरी रह जायेगी।
एक दर्जन से अधिक मोहल्ले होंगे नगर निगम में शामिल
भाजपा नेता व क्षेत्रवासी अमन गुप्ता ने बताया कि कैंट क्षेत्र का सिविल एरिया अगर नगर निगम में शामिल होता है तो कैंट क्षेत्र से हजारों की संख्या में वोट कट जाएंगे। यहां लालकुर्ती, रजबन का टंडेल मोहल्ला, जुबलीगंज, तरईगंज, सदर, आबूलेन समेत काफी संख्या में क्षेत्र सिविल एरिया में आता है। यहां वर्तमान में जो वोटर हैं वह फिर नगर निगम में शामिल हो जाएंगे।
इनकी संख्या 20, 000 से भी अधिक पहुंचेगी। ऐसे में कैंट में आर्मी वोटर और महज कुछ ही लोग सामान्य वोटर रह जाएंगे जिनकी संख्या 10 हजार से भी कम होगी। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैंट में कितनी आबादी नगर निगम में जाएगी। ऐसे में चुनाव को लेकर कैंट क्षेत्र में अभी संशय है और लोगों की तैयारी भी इसी पर निर्भर है।
जानकारों की मानें अगर कैंट का सिविल एरिया नगर निगम में गया तो यहां चुनाव होना मुश्किल है और अगर यहां चुनाव होता है तो सिविल एरिया नगर निगम में शामिल नहीं होगा।
वर्तमान में कैंट के आठों वार्डों में हैं 28,871 वोटर
अभी वर्तमान की बात करें तो कैंट क्षेत्र में आठ वार्ड हैं और इन सभी वार्डों में कैंट में कुल 28,871 वोटर हैं। अभी तक देखा गया है कि सभी वार्डों में चुनाव होता है और हजारों की संख्या में लोग वोट डालते हैं|
लेकिन अगर कैंट का सिविल एरिया नगर निगम में शामिल हो गया तो यहां नाम मात्र को ही वोट रह जाएंगे। यहां से हजारों की संख्या में वोटर नगर निगम में शामिल होंगे और फिर वह नगर निगम के मतदाता हो जाएंगे जिससे यहां चुनाव के आसार ही खत्म हो जाएंगे।

