- गेट पर हुई सघन चेकिंग, परीक्षार्थियों को दिया प्रवेश
- नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी में रहे परीक्षार्थी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है। कोरोना काल के बाद परीक्षाओं का आगाज होने पर छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। जिले में परीक्षा के लिए इस वर्ष 108 केंद्र बनाए गए थे। जिनपर 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए 79042 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। पहले दिन सुबह की पाली में हिंदी का पेपर हुआ। जिसके लिए 40502 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। उसमें से 36978 परीक्षा देने पहुंचे और 3524 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा से किनारा किया। पहली पाली सुबह 8 बजे से 11 बजकर 15 मिनट तक चली। जबकि बारहवीं की परीक्षा दोपहर की पाली में हुई जो कि 2 से 5 बजकर 15 मिनट तक हुई।

बता दें कि परीक्षा के पहले दिन छात्र-छात्राएं केंद्रों पर समय से पहले ही परीक्षा देने के लिए पहुंच गए। छात्र-छात्राओं के चेहरे पर परीक्षा के लिए अलग की रौनक देखने को मिली। सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। परीक्षा में नकल रोकने और व्यवस्था देखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सचल दस्ते अधिकारियों की देखरेख में गठित किए गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी केंद्रों का निरीक्षण किया।
केंद्रों पर पहुंचने के लिए कही-कही छात्र-छात्राएं दौड़ते भागते भी दिखे। जिनकों सघन चेकिंग के बाद केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। वहीं नकल का संदेह होने पर कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों की बेल्ट उतरवाकर भी चेकिंग की गई। यूपी बोर्ड मेरठ क्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय के अंतर्गत आने वाले मेरठ, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडल के 17 जिलों में 10,32,972 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए।
प्रवेश पत्र के साथ देखा गया रजिस्ट्रेशन कार्ड
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र के साथ ही नौवीं व 11वीं के रजिस्ट्रेशन कार्ड को भी देखा गया। यह निर्देश पहले से ही दिए जाने के बाद भी अधिकांश परीक्षार्थी बिना रजिस्ट्रेशन कार्ड के परीक्षा देने पहुंचे। जिसके बाद उनसे शपथ पत्र लेकर अगले दिन रजिस्ट्रेशन कार्ड लाने के लिए कहा गया। केंद्रों पर ऐसे परीक्षार्थी भी पहुंचे जो रजिस्ट्रेशन में छोटी मोटी गलती को भी नहीं सुधार सकें।
छात्रों पर सीसीटीवी कैमरे से रखी गई निगरानी
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी गई। वहीं, जिले के केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए जीआईसी में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। जहां से मॉनिटरिंग की गई और उस पर जगह-जगह की सूचनाएं आती रही।
नहीं मिले पहले दिन पूरे कक्ष निरीक्षक
हर साल की भांति इस वर्ष भी यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों का टोटा रहा। पहले दिन 10वीं और 12वीं कक्षा में हिंदी का बड़Þा पेपर होने की वजह से दोनों पालियों में शिक्षकों की कमी होने की वजह से पूरे दिन कमी को दूर करने में शिक्षा विभाग लगा रहा। शिक्षा विभाग की ओर से बेसिक से भी शिक्षकों को मांगा गया है।
आसान रहा 10वीं हिंदी का पेपर
आरजी इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकली छात्रों ने बताया कि पेपर तो आसान था, लेकिन पेपर काफी लंबा था। जिसे हल करने के लिए समय कम मिला। वहीं 12वीं में प्रथम पाली में सैन्य विज्ञान की परीक्षा हुई, जोकि आसान रही। प्रीती ने बताया कि 10वीं हिंदी के पेपर में प्रश्नों को थोड़ा घुमाकर पूछा गया था, लेकिन पेपर कठिन नहीं था।

