- बागपत कलक्ट्रेट के पास माँ-बेटे व एक्सप्रेस वे पर एक व्यक्ति की हुई मौत
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: बागपत क्षेत्र में बुधवार को मां बेटे सहित तीन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वही 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। वहीं घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
काठा गांव निवासी वाहिद अपनी पत्नी सन्नो व बेटे नाजिम के साथ बागपत कलक्ट्रेट के जिला अस्पताल से दवाई लेकर बड़ौत में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जा रहै थे और वह बस के इंतजार के लिए खड़े थे। इसी दौरान तेज गति से आ रहे केंटर ने उनको कुचल दिया, जिससे माँ-बेटे की मौके पर मोत हो गयी और वाहिद गम्भीर रूप से घायल हो गया। वही सामने से स्कूटी पर सवार दो व्यक्ति भी गम्भीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मॉ-बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
उधर, ईस्टन पेरिफेरल एक्सप्रेस-वें पर ईको कार में ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें बदायूँ निवासी 33 वर्षीय मुनेंद्र पाल पुत्र हुकुम सिह की मौत हो गयी। वह बदायू से सोनीपत जा रहे थे उनके साथ छह मजदूर भी थे , जो घालय हो गए। उन्हें पुलिस ने पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया और मृतक के परिजनों को सूचना दी।
जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से गई मां बेटे की जान
बागपत: काठा गांव निवासी नाजिम पिछले कई दिन से पेट की बीमारी के कारण जिला अस्पताल में भर्ती था और अल्ट्रासाउंड में सही रिपोर्ट नहीं आने के कारण चिकित्सक में उसको बड़ौत में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। लेकिन चिकित्सको ने उसकी जब रिपोर्ट सही नही आ रही थी तो सिटी स्केन कराना जरूरी नहीं समझा और न ही एम्बुलेंस में भेजा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही माँ-बेटे की मौत हो गयी। सवाल यह है कि जब जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड है तो उसको बाहर क्यो भेजा और जब रिपोर्ट सही नही आती है तो ऐसे अल्ट्रासाउंड का फायदा क्या है। जब माँ-बेटे की मौत हो गयी तो सीएमएस ने भी अपना पल्ला झाड़ते नजर आए और कहा कि वह यहां से डिसचार्ज होकर गया था। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

