- एसएसपी मंजिल सैनी ने गवाह को दिलवाया था शस्त्र लाइसेंस
- गवाह मितन के दृढ़ संकल्प को देख अधिकारी थे हैरत में
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरूरपुर थानांतर्गत हसनपुर रजापुर गांव में चेतन हत्याकांड के बाद जिस तरह से बदमाशों ने मृतक की मां सावित्री और जीजा बबलू की सरेआम हत्या की थी, उससे पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया था। लखनऊ तक इन हत्याओं की गूंज हुई थी।
भारी दबाव के बीच पुलिस ने हत्यारोपियों में एक शातिर बदमाश सुजीत जाट को मुठभेड़ में जब मार गिराया था तब मृतक के परिवार में बचे दो भाइयों की सुरक्षा पुलिस के लिये चुनौती बन गई थी।
मां ने खाई थी गोलियां
2016 में चेतन हत्याकांड की चश्मदीद गवाह मां सावित्री कैथवाड़ी ग्राम प्रधान बिल्लू के खेत में गन्ने की छिलाई कर रही थी। मां का खाना लेकर उसके दो बेटे मितन और रवि खेत में पहुंचे थे। तभी टाटा मैजिक से आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद लोग वहां पहुंचे। सावित्री ने हत्यारोपी विपिन, सुजीत, अतुल, ब्रह्मा, कुलदीप को देखते ही शोर मचाया कि बेटों तुम भागो, हत्यारोपी आ गए।

सावित्री बदमाशों से भिड़ गई और दोनों बेटे ईख के खेत में भाग गए। बदमाशों ने इस दौरान करीब एक दर्जन से अधिक गोलियां चलाई। जिसमें दो गोलियां सावित्री के सिर में सटाकर मारी गईं। मितन और रवि के अलावा खेत में गन्ना छिलाई कर रहे अन्य लोग भी जान बचाकर वहां से भागे। सावित्री को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी मौत हो गई थी।
सुमित ने किया था ऐलान
सावित्री की हत्या के बाद मृतक का जीजा बबलू अपने घर में नहा रहा था। इसी दौरान तीन बाइक पर सवार होकर बदमाश आधुनिक हथियार लेकर घर में घुस आए। बबलू पर नहाते हुए गोलियां बरसानी शुरू कर दी, जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी।
बबलू अपने साले चेतन हत्याकांड की मजबूती से पैरोकारी कर रहा था। वह भी इस केस में गवाह था। इससे पूर्व बदमाशों ने गवाही देने पर उसकी सास सावित्री देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या से दो दिन पूर्व सावित्री देवी के दामाद बबलू को कचहरी में पुलिस कस्टडी में सुमित जाट ने सरेआम जान से मारने की धमकी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह केस की पैरोकारी करना नहीं छोड़ेगा तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा।
एसएसपी मंजिल ने की थी पहल
भाई, मां और जीजा को खोने के बाद मितन ने एसएसपी मंजिल सैनी से गुहार लगाई थी कि उसके परिवार को बदमाशों से खतरा है। उसने एक धमकी भरा पत्र भी दिखाया था जिसमें बदमाशों ने पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। एसएसपी ने मितन को न केवल शस्त्र लाइसेंस दिलवाया बल्कि एक हथियार भी दिलवाया था।
गांव में काफी तादाद में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। शासन से इस मामले में सख्त निर्देश दिये गए थे कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यही कारण था कि पुलिस ने सुजीत जाट को मुठभेड़ में मारकर दहशत पैदा कर दी थी।
गांव में घुसते ही मिलने लगी धमकियां
सरूरपुर थानांतर्गत हसनपुर रजापुर के चेतन हत्याकांड के आरोपियों को अदालत से सजा मिलने के बाद जहां मृतक का भाई मितन खुश है। वहीं उसका कहना है कि अदालत में सजा बुलने के बाद जब वो गांव में गया तो उसे आरोपियों की तरफ से खुलेआम धमकियां मिलने लगी कि अगर सावित्री और बबलू हत्याकांड में पैरवी की तो पूरा परिवार खत्म कर दिया जाएगा।
मितन ने दैनिक जनवाणी को बताया कि चेतन हत्याकांड में जमानत पर आये बदमाशों अतुल, कुलदीप, सागर उर्फ हिमांशु और मोहन ने खुलेआम धमकी दी है कि अगर पैरवी बंद नहीं की तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। मितन ने बताया कि उसे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उसने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है क्योंकि आरोपी जेल के बाहर हैं। उसने कहा कि गरीब को इंसाफ मिला है और मेरे भाई की आत्मा को अब शांति मिलेगी।

