Thursday, April 30, 2026
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गठबंधन से लवली शर्मा व भाजपा से मीनाक्षी स्वरूप का टिकट लगभग तय

  • भाजपा ने 12 आवेदनों में छह को शाॅर्टलिस्ट कर भेजा हाईकमान

  • गठबंधन में लवली शर्मा मजबूत प्रत्याशी, टिकट लगभग तय

जनवाणी ब्यूरो |

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर नगरपालिका पर प्रत्याशी घोषित करने के लिए गठबंधन व भाजपा में जमकर रस्साकशी चल रही है। पार्टी हाईकमान को टिकट फाईनल करने में सोचन-समझना पड़ रहा है, परन्तु आखिरी दौर में माना जा रहा है कि भाजपा से गौरव स्वरूप की पत्नी मीनाक्षी स्वरूप गठबंधन से राकेश शर्मा की पत्नी लवली शर्मा के नामों पर अन्तिम मोहर लग सकती है। दोनों के बीच मुकाबला भी रौचक होने वाला है, क्योंकि इन नामों पर मोहर लगने की आहट से ही मुजफ्फरनगर की राजनीति में भूचाल आना शुरू हो गया है।

बता दें कि निकाय चुनाव 2023 को इस बार लोकसभा 2024 का सेमीफाईनल माना जा रहा है और यही कारण है कि प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों भाजपा व गठबंधन को अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करने में बहुत विचार करना पड़ रहा हैं।

भाजपा के लिए मुजफ्फरनगर में निकाय चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा जनपद की छह सीटों में पांच सीटें गंवा चुकी है, केवल मुजफ्फरनगर सीट ही उनके पास है, जबकि एक समय था कि जनपद की छह की छह सीटे भाजपा के पास थी। यदि निकाय चुनाव में भाजपा अपने को साबित नहीं कर पायी, तो इसका खामियाजा उसे लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

भारतीय जनता पार्टी ने मुजफ्फरनगर की 10 में से 9 नगर निकाय के लिए अपने प्रत्याशी तय कर क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिए हैं जबकि नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के लिए भी अध्यक्ष पद के 6 प्रत्याशी शॉर्टलिस्ट कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रभारी सूर्यप्रकाश पाल समेत मंत्री संजीव बालियान और कपिल देव अग्रवाल ने दो दर्जन से अधिक दावेदारों में 6 नाम शार्ट लिस्ट कर लिए है, जिन्हे ऊपर भेज दिया गया है।

जिले में संघ के प्रमुख स्तम्भ रहे ज्ञान चंद सिंघल ने अपनी पुत्रवधु का आवेदन ही वापस ले लिया है। भाजपा सूत्रों की मानें तो इन छह में से भी चितरंजन स्वरूप के पुत्र गौरव स्वरूप की पत्नी मीनाक्षी स्वरूप का नाम लगभग तय है।

दूसरी ओर सपा-रालोद व असपा के बीच हुए गठबंधन से भी अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि जिले की सभी दस सीटों में से कौन सा दल किस सीट पर अपना प्रत्याशी उतारेगा। सूत्रों की मानें, तो सपा द्वारा जनपद की दो नगरपालिकाओं मुजफ्फरनगर व खतौली में अपनी दावेदारी की जा रही है।

सपा का पक्ष है कि परिसीमन के बाद मुजफ्फरनगर नगरपालिका सीट पर उनका वोट बैंक बढ़ा है, जबकि खतौली नगरपालिका सीट पर उनका पूर्व में भी चेयरमैन था। बता दें कि मुजफ्फरनगर व खतौली नगरपालिका सीट पर चुनाव लड़ने वाले दावेदार भी सपा के ही हैं, इसलिए यह तय है कि दोनों सीटें सपा के खातें में आयेंगी।

सूत्रों की मानें, तो मुजफ्फरनगर नगरपालिका में तो प्रत्याशी की भी तस्वीर साफ है और पार्टी यहां से राकेश शर्मा की पत्नी लवली शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाने जा रही है।

दूसरी ओर खतौली सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने के बाद सपा के मजबूत दावेदार तो इस चुनाव से बाहर हो गये हैं, लेकिन फिर भी आधा दर्जन लोगों द्वारा टिकट मांगा जा रहा है, जो शुक्रवार शाम या शनिवार तक फाइनल होने की संभावना है।

भाजपा से मुजफ्फरनगर नगरपालिका के लिए ये हैं दावेदार

भारतीय जनता पार्टी में जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला अपनी पत्नी सुनीता शुक्ला के लिए टिकट मांग रहे हैं, इनके अलावा रेनू गर्ग पत्नी राजीव मोहन गुप्ता, मितिका गर्ग पत्नी संजय गर्ग, बबीता तायल पत्नी श्री मोहन तायल, श्वेता कौशिक पत्नी शलभ कौशिक, दीपिका गोयल पत्नी राहुल गोयल, तुलसी भारद्वाज पत्नी जगदीश शरण, बबीता गुप्ता पत्नी मुकुट कुमार गुप्ता, सुनीता शर्मा पत्नी सलेक चंद, हिमानी शर्मा पत्नी पुनीत वशिष्ठ, उषा शर्मा पत्नी श्री भगवान शर्मा,

सुधा शर्मा पत्नी अरविंद राज शर्मा, मीनाक्षी स्वरुप पत्नी गौरव स्वरूप, डोली गोयल पत्नी कुलदीप गोयल ,अलका अग्रवाल पत्नी संजय अग्रवाल, रक्षंदा गुप्ता पत्नी विकास अग्रवाल,अंजू बाटला पत्नी अशोक बाटला, अंशु पुरी पत्नी कुश पुरी, ममता अग्रवाल पत्नी दीप अग्रवाल, रीना अग्रवाल पत्नी अजय अग्रवाल, शालिनी शर्मा पत्नी आशुतोष शर्मा समेत भाजपा नेत्री गीता जैन, साधना सिंघल, सरिता शर्मा अरोरा, सरिता गौड़, एकता गुप्ता भी भाजपा के सिंबल पर चेयरमैन का चुनाव लड़ना चाहती हैं। इन सभी ने अपने आवेदन पार्टी के सभी जिम्मेदारों को दे रखे हैं।

भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार पार्टी के जिला स्तर से इनमें से 6 आवेदनों को शॉर्टलिस्ट कर आगे भेज दिया गया है, जिनमें से ही किसी को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाया जाएगा।

वार्ड सभासद के टिकट भी बन रहे सिरदर्द

मुजफ्फरनगर नगरपालिका में भाजपा के लिए सभासद का चयन करना भी बड़ा कठिन हो रहा है। कई ऐसे वार्ड हैं जिनमें पार्टी के सामने प्रत्याशी तय करना ज्यादा कठिन हो रहा है। गांधी कॉलोनी का वार्ड है जिसके वर्तमान सभासद प्रेमी छाबड़ा है, इसी वार्ड से अमित पटपटिया भी नए दावेदार बनकर उभरे हैं। दोनों के बीच संघर्ष इतना कड़ा हो रहा है कि दोनों मंत्री ही फंसे हुए हैं।

बताया जाता है कि केंद्रीय मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान जहां इस बार अमित पटपटिया को टिकट दिलाना चाहते हैं वही कपिल देव अग्रवाल के लिए प्रेमी छाबड़ा का टिकट काट पाना आसान नहीं है क्योंकि प्रेमी छाबड़ा,कपिल देव के बहुत नजदीकी माने जाते हैं, इन दोनों के टिकट को लेकर पार्टी में जबरदस्त रस्साकसी चली हुई है हालांकि पार्टी दोनों में से एक को टिकट देकर और दूसरे को नामित सभासद बनाने का भरोसा दे रही है, पर अभी मामला नहीं सुलझा है।

इसी तरह सभासद विवेक चुघ का वार्ड है, विवेक को टिकट नहीं मिल रहा है, विवेक के वार्ड से भोपा रोड पर व्यापार करने वाला प्रत्याशी आगे है वैसे पूर्व सभासद विवेक गर्ग भी इस वार्ड से टिकट के प्रमुख दावेदार के रूप में शामिल है। पार्टी अपने पुराने आधे सभासदों के टिकट फाइनल कर चुकी है जबकि कई के टिकट काट दिए गए है।

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