जनवाणी ब्यूरो |
मेरठ: केंद्र और राज्य सरकार के निजीकरण नीति के विरोध में एक बार फिर से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा कार्य बहिष्कार किया जाएगा। जिसमें तीन फरवरी को राष्ट्रव्यापी कार्य बहिष्कार करेंगे। ये जानकारी सह संयोजक आरए कुशवाहा ने दी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में तीन फरवरी को 12:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक विरोध सभा की जाएगी।
जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के निजीकरण की नीति का विरोध तथा बिजली निगम का एकीकरण कराने के लिए, पुरानी पेंशन बहाली एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए समस्त कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि इससे पूर्व भी जब निजीकरण की बात उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही थी।
तब बिजली कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश के समस्त परिमंडल में विरोध प्रदर्शन कर सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की थी। जिसके पश्चात इसे जनवरी तक के लिए टाल दिया गया था। ऐसे में आने वाले समय में देखना व कर्मचारी द्वारा रणनीति अपनाई जाएगी।
पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में बैठकों का दौर शुरु
जनपद में त्रिस्तरीय चुनावों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। भले ही अभी चुनाव की अधिसूचना जारी न हुई हो, लेकिन अधिकारियों की तरफ से माहौल को सामान्य बनाने के लिये प्रयास शुरु हो गए हैं। मंगलवार को अधिकारियों ने सठला स्थित प्राथमिक स्कूल में बैठक ली।
इस दौरान प्रधान पद के दावेदार समेत अन्य पूर्व प्रधान और गणमान्य लोगों से रुबरू होकर चुनाव शांति पूर्ण कराने पर बल दिया। उक्त ग्राम अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। एडीएम मदन गर्ब्याल व एसपी देहात केशव मिश्रा ने प्राथमिक स्कूल में गणमान्य लोगों के की बैठक ली।
उन्होंने चुनाव में शांतिपूर्ण संपन्न कराने और छोटे मोटे विवादों को आपसी सहमति से निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधान पद के भावी प्रत्याशी और पूर्व प्रधानों से भी परिचय किया। वहीं, क्षेत्र में गोकुशी समेत अन्य मामलों के बारे में पूछा। शरारती तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कही। एसपी देहात केशव मिश्रा ने बताया कि वह गांवों में जाकर रुबरू हो रहे है। एक सप्ताह से अधिकारियों ने गांव गांव में जाकर बैठकें शुरु कर दी है।

