Tuesday, March 17, 2026
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Hal Shashthi 2025: आज है बलराम जयंती, जानें पूजा विधि और हलषष्ठी व्रत के नियम

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हलषष्ठी व्रत इस बार 14 अगस्त, गुरुवार को है। इसे ललही छठ और बलराम जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी की पूजा होती है, जिन्हें हलधर कहा जाता है क्योंकि उनका मुख्य शस्त्र हल था। इस व्रत को खासतौर पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि के लिए करती हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन जुताई से उत्पन्न अनाज का सेवन नहीं किया जाता। इस साल हलषष्ठी 14 अगस्त, गुरुवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि 14 अगस्त को सुबह 4:23 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त को सुबह 2:07 बजे खत्म होगी।

पूजा विधि

हलषष्ठी व्रत की पूजा करने से संतान को सुख और लंबी आयु मिलती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। अगर हो सके तो महुआ की दातुन करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं। चौकी पर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।

पूजा सामग्री में चंदन, फूल, माला, रोली, अक्षत, दूर्वा, तुलसी, फल, मिठाई, महुआ और पसई का चावल (बिना हल से उगाया गया चावल) शामिल करें। इसके साथ ही कुछ बच्चों के खिलौने भी रखें। भगवान को चंदन, फूल और भोग चढ़ाएं। भैंस के दूध से बना दही और घी उपयोग करें, गाय का दूध न लें। हलषष्ठी की कथा पढ़ें या सुनें, फिर बलराम जी और श्रीकृष्ण की आरती करें।

व्रत के कुछ खास नियम

इस व्रत के कुछ खास नियम हैं, जिनका पालन जरूरी माना जाता है। इस दिन हल से जुते खेतों का अनाज जैसे गेहूं या चावल न खाएं। पसई का चावल या बिना हल का अनाज खाएं। गाय का दूध, दही या घी न लें, बल्कि भैंस का दूध या उससे बने पदार्थ खाएं। साग-सब्जी खाने से बचें। हल से जुती जमीन पर न चलें। दिनभर सात्विक व्यवहार रखें, झूठ या अपशब्दों से बचें और बलराम जी का नाम जपें।

लाभ

हलषष्ठी व्रत संतान की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख के लिए बहुत खास है। मान्यता है कि बलराम जी, जो शेषनाग के अवतार हैं, शक्ति और धर्म के प्रतीक हैं। इस व्रत को रखने से बच्चों को बीमारी, डर और बुराइयों से सुरक्षा मिलती है। जिन्हें संतान नहीं है, उनके लिए यह व्रत फलदायी हो सकता है।परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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