- सीवर के पानी से उठ रही भयंकर बदबू से नागरिकों का जीना मुहाल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगाई गई। यही नहीं, नाले तो बना दिए, लेकिन उनका कनेक्ट कहा होगा? यह किया ही नहीं गया। दोनों छोर नालों के लापता है, जिनका कोई कनेक्ट आपस में नहीं किया गया है, जिस वजह से पानी नालों का सड़क पर भर जाता है और जनता परेशान हैं। एनएचएआई की अनदेखी लोगों पर भारी पड़ रही है।
बागपत बाइपास सर्विस रोड हाइवे पर जलभराव है। महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली और हरिद्वार को जोड़ने वाला एनएचएआई-एनएच-58 हाइवे पर हर रोज वाहनों से करीब 25 से 30 लाख की टोल वसूली करते है। इसके बावजूद बागपत बाइपास या फिर दूसरे बाइपास पर पानी निकासी के लिए नाला तो बना दिया, लेकिन व्यवस्था निकास की नहीं की हाइवे के दोनों तरफ नाला बना है, जो सर्विस रोड पर है।
इस नाले में कुछ कालोनियों का पानी आ रहा है। इस नाले के निकास की व्यवस्था एनएचएआई ने नहीं की है, जिसके चलते अब सर्विस रोड पर और ओवर ब्रिज के नीचे पानी भरने लगा है। ऐसा हालत तो कभी बारिश के दौरान भी नहीं हुई, लेकिन वर्तमान में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार एनएचएआई के अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई।

सड़क के दोनों तरफ निकास की व्यवस्था एनएचएआई को करनी चाहिए थी, लेकिन बागपत बाइपास शहर को जोड़ने वाला लिंक मार्ग है। इसके अलावा इसी तरह का मामला रोहटा रोड पर भी है। यहां बाइपास रोहटा रोड पर भी कुछ वैसी ही हालत हैं। क्षेत्र से निकली सीवर लाइन पिछले कुछ दिनों से बंद पड़ी हुई है। उसमें से पानी इस कदर बह रहा है, जैसे पानी की पाइप लाइन फूट गई हो। परेशान नागरिक घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। दिन-रात गंदगी बहने से बदबू के कारण भी परेशानी बढ़ गई है।
पानी भरा होने से मच्छर पनप रहे हैं। रही सही कसर एनएच-58 स्थित बागपत फ्लाईओवर के नीचे ओवर फ्लो सीवरों ने पूरी कर दी है। जिससे इलाके में भयंकर बदबू का आलम है। यदि समस्या का समाधान जल्द ही नहीं किया गया तो इस गंदे पानी से बीमारी फलने का भी डर बना रहेगा। जिसका जिम्मेदार खुद प्रशासन होगा। क्योंकि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार विभाग को अवगत करा दिया गया है।

