जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तरप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्यसेतु निगम के सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीयअधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं।
देश एवं प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण समय है इसलिए दिन रात मेहनत कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराएं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माण कार्यों की गति में 3 से 4 गुना तक वृद्धि लाएँ।लोकनिर्माण मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता,सुरक्षा और समयबद्धता प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है इसमेंकिसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिये कि वर्तमान मेंनिर्माणाधीन परियोजनाओं को पारदर्शिता, गुणवत्ता और सुरक्षाका विशेष ध्यान रखते हुए आगामी 15 दिसंबर तक हर हाल मेंपूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की देरी पर नाराजगीव्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि परियोजनाओं की लेटलतीफी किसी भी हाल में बर्दाश्तनहीं की जाएगी। परियोजनाओं में देरी के कारणों का पता लगाएं और तत्काल समस्या कानिराकरण करा कर परियोजनाओं को पूर्ण कराएं, लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय कराएं। किसी भी स्थिति में एस्टीमेट रिवाइजनहीं किया जाएगा।
जितिन प्रसाद ने निर्देश दिया कि गुणवत्ता एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु नियमितरूप से इंपैक्ट वैल्यू टेस्ट, क्यूब टेस्ट,सिल्ट कंटेंट टेस्ट, रोड रिलेटेड टेस्ट,कंक्रीट कंप्रेसिव स्ट्रैंथ टेस्ट, स्लंपटेस्ट कराए जाएं। साइटों पर कराए गए क्वालिटी से संबंधित टेस्ट को पीएमएस पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड किया जाए। गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ टीमद्वारा निर्माण इकाइयों की साइटों पर समय-समय पर साइटों के कार्यों का एनडीटी व गुणवत्ता से सम्बन्धित अभिलेखों का नियमित निरीक्षणकिया जाए।
एमडी सेतु निगम राकेश सिंह ने इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों अक्षरशःअनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। समीक्षाबैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नरेन्द्र भूषण, विशेष सचिव लोकनिर्माण आशुतोष द्विवेदी सहित अन्य सम्बंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीउपस्थित थे।

