Friday, March 20, 2026
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ट्रीटमेंट प्लांट नगर निगम को होंगे हैंडओवर, तैयारियां तेज

  • ट्रीटमेंट प्लांट के मानचित्र को किया जा रहा लैंडमार्क
  • निगम कर्मियों को किसी तरह की नहीं होगी दिक्कत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) अपने सभी ग्यारह ट्रीटमेंट प्लांट नगर निगम को हैंडओवर करने जा रहा हैं। ट्रीटमेंट प्लांट लेने के लिए नगर निगम रजामंद हो गया हैं। प्राधिकरण पर ट्रीटमेंट प्लांट का बड़ा आर्थिक बोझ बना हुआ था, इनके हैंडओवर होने के बाद प्राधिकरण को बड़ी राहत मिलने वाली हैं। इसकी तमाम तैयारियों में प्राधिकरण के इंजीनियर जुटे हैं।

प्रत्येक ट्रीटमेंट प्लांट के मानचित्र को लैंडमार्क किया जा रहा हैं, कहां पर सीवर सिस्टम हैं? एक मकान छोड़कर दूसरे मकान के बीच में सीवर का मैन हाल दिया गया हैं। इसको भी मार्क किया जा रहा हैं, ताकि निगम कर्मचारियों को किसी तरह की दिक्कत पैदा नहीं हो। यही नहीं, सीवर लाइन कहां पर बिछाई गयी हैं, उसका पूरा लैंडमार्क करके दिया जा रहा हैं।

इस कार्य में मेडा के कई इंजीनियरों की टीम पिछले एक सप्ताह से लगी हुई हैं। आॅरिजनल मानचित्र के साथ डुप्लीकेट मानचित्र भी तैयार किये गए हैं। पल्लवपुरम में ट्रीटमेंट प्लांट हैं, इसको लेकर इंजीनियरों के द्वारा पूरी तैयारी कर मौके पर जाकर तमाम लैंडमार्क बनाये गए हैं, जिसके आधार पर नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी इसमें आसानी से समझाया जा सकता हैं।

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हालांकि मेरठ विकास प्राधिकरण पहले भी अपनी कई कॉलानियों को निगम को हैंडओवर कर चुका हैं। इसके बदले में बड़ी रकम नगर निगम को दी जा चुकी हैं, लेकिन निगम के अधिकारी जो कॉलोनियां मेरठ विकास प्राधिकरण से हैंडओवर की गई हैं, उनका रख-रखाव व वहां की साफ-सफाई भी बेहतर नहीं कर पा रहा हैं। इस तरह के हंगामा कॉलोनी के लोग हर रोज कर रहे हैं।

प्राधिकरण के पास जब तक ये कॉलोनियां थी, तब पार्क की देखभाल भी हो रही थी तथा सड़कों का निर्माण भी हो रहा था। इसके बाद से तो सड़क भी उखड़ी पड़ी हैं, उनको दुरस्त नहीं किया जा रहा हैं। अब देखना यह है कि ट्रीटमेंट प्लांट तो बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसकी किस तरह से देखरेख नगर निगम कर पाता हैं। क्योंकि नगर निगम का खर्च भी ट्रीटमेंट प्लांट हैंडओवर होने के बाद बढ़ जायेगा। इनका बिजली का बिल ही करोड़ों में आता हैं, जिसको लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण के लिए भी ये बड़ी आर्थिक चुनौती का एक बिन्दू रहा हैं।

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