- मरने वालों में दो सगे भाइयों समेत एक घनिष्ठ मित्र था
- निकटवर्ती एक बाग से अमरूद लेने जा रहे थे युवक
जनवाणी संवाददाता |
शामली: पानीपत-खटीमा हाइवे पर अज्ञात ट्रक ने तीन जिंदगी खत्म कर दी और दो परिवारों को तोड़कर रख दिया। दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई जबकि चौथा युवक हायर सैंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। चारो युवक अमरूद बेचकर अपने परिवार को चला रहे थे।
सूचना पर आदर्शमंडी और बाबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेते पोस्टमार्टम को भेज दिए। वहीं आला अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के कस्बा बनत के मोहल्ला गांधीनगर निवासी शुभम और संजीव पुत्रगण सोमपाल, प्रवेश पुत्र शिवकुमार और सुमित पुत्र इंद्रपाल शामली में सिटी बिजलीघर के बाहर और कस्बा बनत में अमरूद बेचने का कार्य करते थे।
गुरुवार की अलसुबह साढ़े पांच बजे चारो युवक बाइक से निकटवर्ती गांव फतेहपुर में अमरूद के बाग में जा रहे थे। युवक अपने-अपने घरों से बाइक से जाते हैं जबकि बाग से रेहड़ों में अमरूद भरकर बेचने के लिए निकल जाते हैं। बताते हैं कि पानीपत-खटीमा हाइवे पर जैसे ही बाइक सवार गांव फतेहपुर के निकट पहुंचे तो पीछे से आए अज्ञात ट्रक ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। तीन युवक ट्रक से कुचल गए जबकि चौथा युवक सड़क पर दूर जाकर गिरा था।

दुर्घटना में दो सगे भाइयों शुभम और संजीव की मौके पर ही मौत हो गई जबकि प्रवेश व सुमित घायल हो गए। घटना की जानकारी पहुंची बाबरी व आदर्शमंडी थाना पुलिस ने घायल प्रवेश व सुमित को अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर चिकित्सकों ने प्रवेश को भी मृत घोषित कर दिया और सुमित को हायर सैंटर के लिए रैफर कर दिया। परिजनों ने उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
उधर, पुलिन तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया और परिजनों को जानकारी दी। दो सगे भाइयों समेत तीनों युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। इस मामले में मृतक भाइयों के पिता सोमपाल की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतकों के घर में कोहराम, कस्बे में शोक की लहर
गुरुवार की अलसुबह ट्रक से कुचलकर तीन युवकों की मौत से उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मरने वाले दो युवक सगे भाई थे। कस्बा बनत के मोहल्ला गांधी नगर निवासी सोमपाल के चार पुत्र थे। जिसमें सबसे छोटा पुत्र शुभम व उसका बडा भाई संजीव दोनों ही अमरूद बेचते थे। संजीव की चार वर्ष पूर्व शादी हुई थी। गुरुवार देर शाम चार बजे जैसे ही दोनों युवकों के शव घर पहुंचे तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पिता सहित परिवार के अन्य लोगों को बिलखता देख पूरे कस्बे की आंखे नम थी। दिनभर कस्बे में मातम पसरा रहा। दिनभर सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। देर शाम दोनों भाइयों समेत तीनों शवों का अंतिम संस्कार दिया गया। इस दौरान एसडीएम संदीप कुमार, भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल, पूर्व मंत्री किरणपाल कश्यप, पूर्व सभासद मुन्नू आदि मौजूद रहे।
गहरे दोस्त थे शुभम व प्रवेश
कस्बा बनत के मोहल्ला गांधीनगर निवासी हादसे में मृत शुभम व प्रवेश दोनों गहरे दोस्त थे। जो लगातार दूसरे के साथ रहते थे। हर काम में एक दूसरे का हाथ बटाकर एक साथ ही कार्य किया करते थे। गुरुवार को भी दोनों दोस्त बाइक से एक साथ ही घर से निकले थे। लेकिन शायद ही उनको पता हो कि अब वह दोबारा घर नहीं लौट पाएंगे। दोनों दोस्तों के शवों को देख हर किसी की आंखे नम थी। बताया जाता है कि दोनों दोस्त दिनभर कार्य करने के बाद शाम के समय एक साथ समय बिताया करते थे।

