- 28 मार्च 2020 को भूड़बराल में हुआ था प्रिया-कशिश का बेरहमी से कत्ल
- मां-बेटी की हत्या कर शवों को गाड़ा गया था कमरे में
- दो साल बाद भी मृतका की सहेली लड़ रही इंसाफ की जंग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लव जिहाद का एक ऐसा मामला जब प्यार में धोखा खाने वाली महिला को दोे साल पहले उसके प्रेमी ने बेरहमी से बेटी समेत कत्ल करके जमीन में गाड़ दिया था। अब इस घटना को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इंसाफ की जंग आज भी लड़ रही है मृतका की सहेली चंचल। अब उसकी गवाही होनी बाकी है।
गत 28 मार्च की वो काली रात चंचल को अब भी याद है, जब उसकी सहेली प्रिया व उसकी मासूम बेटी कशिश को प्रेमी शमशाद ने पत्नी व साले के साथ बेरहमी से कत्ल कर दिया था। हत्यारों ने दोनों के शवों को उसी कमरे में दफन कर दिया था, जिसमें उनकी हत्या की गई थी।
अंतिम बार हुई थी बात
प्रिया की सहेली चंचल ने दो साल पहले की घटना को याद करते हुए बताया कि ठीक दो साल पहले गत 28 मार्च 2020 के दिन में अंतिम बार प्रिया से फोन पर उसकी बात हुई थी। प्रिया ने बताया था कि वह ठीक है और बेटी कशिश भी उसके साथ प्रेमी शमशाद के साथ रह रही है, लेकिन इसके बाद चंचल की प्रिया से कभी बात नहीं हुई।

चंचल ने बताया कि उसने अगले दिन 29 मार्च को प्रिया के नंबर पर फोन किया, लेकिन वह लगा नहीं। पड़ोसी ने घर में जाकर देखा तो प्रिया व उसकी 11 साल की बेटी कशिश घर में नहीं थी।
शमशाद लगातार कर रहा था गुमराह
प्रिया का नंबर नहीं मिलने पर पड़ोसी ने भी इस बात की पुष्टि की कि दोनों मां-बेटी घर में नहीं है तो चंचल ने प्रिया के प्रेमी शमशाद को फोन किया, लेकिन शमशाद ने उसे गुमराह करते हुए कहा कि वह घर से बाहर है और शाम को वापस लौटने पर प्रिया से बात करा देगा।
चंचल ने बताया कि उसकी सहेली का फोन पहले तो बंद जाता रहा, लेकिन 31 मार्च को उसी नंबर से टैक्स मैसेज किए गए, जिनमें कहा गया कि वह ठीक है, लेकिन मैसेजों की भाषा से पता चल गया कि यह प्रिया या कशिश ने नहीं किए गए है। मैसेजों में स्पैलिंग की गलितयां अधिक थी, जो पहले कभी नहीं हुई थी। अक्सर कशिश ही वाट्सऐप मैसेज किया करती थी, जो कभी गलत नहीं होते थे।
चंचल ने अपनी सहेली व उसकी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए 15 अप्रैल 2020 को शिकायत की। बकौैल चंचल पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसकी शिकायत दर्ज की थी, कई बार उसे थाने से टरकाने की कोशिश की गई, लेकिन अंत में वह कामयाब हो गई। चंचल ने बताया कि उसने 14 जुलाई 2020 को एसएसपी के यहां शिकायत की। इसके बाद कप्तान के यहां से जांच के आदेश परतापुर पुलिस को हुए तो पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
शमशाद को पुलिस ने एक बार हिरासत में लिया, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। एसएसपी से शिकायत के बाद पुलिस ने शमशाद को 21 जुलाई 2020 की रात में हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद 22 जुलाई को शमशाद की निशानदेही पर बेडरूम का फर्श खोदा गया। जहां से प्रिया-कशिश के कंकाल बरामद हुए।
इसके बाद पुलिस ने शमशाद को गिरफ्तार कर लिया। आज मुख्य अभियुक्त शमशाद, उसकी पत्नी आयशा व साला दिलावर जेल में है। जबकि तीन लोग कपिल विकल, नकुल शर्मा व शोएब जमानत पर बाहर है। अब इस मामलें में चंचल की गवाही होनी है। जिसके बाद दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
चंंचल ने तीन माह पहले परतापुर थाने पर अपनी जान को खतरा जताते हुए पुलिस से मदद की मांग की थी। आज चंचल की गवाही होनी है और उसे उम्मीद है कि वह अपनी सहेली के कातिलों को सजा दिलाने में कामयाब होगी।

