जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के उच्च शिक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को लखनऊ के अलीगंज में स्थित अनएकेडमी सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के माध्यम से मूलभूत परिवर्तन लाया जा रहा है और अनिश्चित समय से चली आ रही लार्ड मैकाले की शिक्षा व्यवस्था से समाज को मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2014 से देश की शिक्षा व्यवस्था बहुत खराब थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को अपने प्राचीन संस्कारों से जोड़कर आधुनिक तकनीक के साथ नई पीढ़ी को मौलिक शिक्षा प्रदान करना ही केन्द्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार की मंशा है।
उपाध्याय ने कहा कि यह संस्थान देश का पहला उदाहरण है जो कि ऑनलाइन के बजाय आफलाइन शिक्षा देने का प्रयास कर रहा है। इस अभिनव प्रयोग से विद्यार्थियों को सीधे अपने गुरूजनों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने संस्थान के उपस्थित अधिकारियों एवं संचालकों को सीख देते हुए कहा कि पीएम मोदी के विजन आधारित संस्कारित शिक्षा बच्चों को प्रदान करें। जिससे वे भविष्य में देश के कर्णधार बनें और देश व समाज को आगे ले जाने में अपना अहम योगदान दें। उन्होंने कहा कि लखनऊ में अनएकेडमी का सेंटर खुलने से लखनऊ शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को सुगमता से अच्छी एवं सस्ती शिक्षा प्राप्त हो सकती है।
वहीं इस अवसर पर अनएकेडमी सेंटर के चीफ आपरेटिंग आफिसर विवेक सिन्हा ने कहा कि भारत के सबसे बड़े लर्निग प्लेटफार्म अनएकेडमी की यूपी में पहली शुरूआत हुई। इसमें 134 से ज्यादा कोर्सेज उपलब्ध हैं। इस केन्द्र में आफलाइन क्लास प्रदान की जायेगी और इसमें नीट, जेईई, मेडिकल, इंजीनियरिंग, डिफेन्स से संबंधित कोर्स की सेवायें प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस संस्थान द्वारा गरीब बच्चों की भी पूरी मदद की जाती है। इस अवसर पर सेंटर की शैक्षणिक टीम में शामिल सुमन्ता डे, तरूण अरोड़ा, मुकुल चतुर्वेदी, राजेश पाण्डेय, सत्यप्रकाश सिंह, डा. बीपी सिंह व हिमांशु सैनी आदि उपस्थित थे।

