- नगर निगम के शहर में चल रहे दो दर्जन से ज्यादा निर्माण कार्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुरादनगर में श्मशान घाट का लिंटर टूटने की घटना से भी नगर निगम सबक नहीं ले रहा है। सरकारी सिस्टम सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। मुरादनगर की ईओ को भी उस घटना में जेल जाना पड़ा, मगर फिलहाल शहर में नगर निगम के दो दर्जन से ज्यादा निर्माण कार्य चल रहे है। ये निर्माण गलियों में किये जा रहे हैं, नालियां तैयार की जा रही है। नाली व सड़क बनने चाहिए, मगर सरकारी सिस्टम को इतना तो देख लेना चाहिए की जो निर्माण चल रहे हैं, उनका निर्माण मानक के अनुरुप भी है या फिर नहीं।
नगर निगम प्रत्येक वर्ष सड़क व नालियों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करता हैं, मगर उनकी गुणवत्ता के मानकों को नहीं देखता हैं। यही वजह है कि निर्माण कराई जा रही सड़कें एक माह बाद ही उखड़ने लग जाती है। यह हाल तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में चल रहा हैं, जिन्होंने जीरो टॉलरेंस का दावा किया है। नई र्इंट के स्थान पर पुरानी र्इंट का प्रयोग किया जा रहा है।
पुरानी ईंटें यहीं से निकल रही हैं, जिनको साफ कर नाली के निर्माण में लगाया जा रहा है। एक दो जगह नहीं, बल्कि कई जगह ऐसा ही किया जा रहा है। सड़क निर्माण हो या फिर पुलिया का निर्माण, इन सभी में घटिया निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम में निर्मार्णों की गुणवत्ता को लेकर घोर अनियमितता बरती जा रही है। लंबी चौड़ी अधिकारियों की फौज नगर निगम में मौजूद है, लेकिन मौके पर निरीक्षण तक नहीं किया जा रहा है। इस तरह से निर्माण कराई जा रही सड़कों का उखड़ना लाजिमी है।
शायद एक माह भी ठीक से निर्माण पकड़ पाये तो गनीमत होगी। कॉपरेटिव बैंक से सटी गली में नाली और सड़क का वर्तमान में निर्माण चल रहा है, जिसमें पुरानी ईंटों को उखाड़कर नालियां बनाई जा रहे हैं और सीमेंट की गुणवत्ता भी कम लगाई जा रही है, जिसके चलते नाली का खराब निर्माण किया जा रहा है। आखिर इस पूरी व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है?
मोहल्ले के लोगों ने भी इसकी नगर निगम में शिकायत की, मगर ठेकेदार कुछ सुनने को तैयार नहीं है। यह एक निर्माण नहीं, निगम के शहर में दो दर्जन से ज्यादा निर्माण सड़कों व नालियों के चल रहे हैं, जिसमें मानकों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
…तो नगर निगम ने हाईकोर्ट में लगा दिया फर्जी शपथ-पत्र
नगर निगम ने हाईकोर्ट में 80 पृष्ठों का शपथ पत्र लगाया हैं, जिस पर याचिकाकर्ता ने अंगूली उठाई है। आरोप है कि शपथ पत्र गलत लगा दिया हैं, जिसके जरिये हाईकोर्ट को भी गुमराह करने का प्रयास किया है। बीके गुप्ता ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज हाईकोर्ट में लगाकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया।
यह पूरा खेल निगम कार्मिक प्रभारी ने किया है। आरोप है कि एक दिन में दो फर्जी रिपोर्ट लगाई गई, जिसकी मुख्यमंत्री को भी शिकायत की गई। उच्च न्यायालय में फर्जी शपथ पत्र लगाकर गुमराह क्यों किया? अब फिर इसमें अपील की जाएगी। इसको लेकर एक प्रतिनिधिमंडल नगरायुक्त से भी मिलेगा, ताकि यह बताया जा सके कि किस तरह से गलत तथ्यों को हाईकोर्ट में रखा जा रहा है।

