Tuesday, March 31, 2026
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विनेश फोगाट ने जीता तीसरा स्वर्ण, नॉर्डिक सिस्टम से हासिल की जीत

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कुश्ती के 53 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने नॉर्डिक सिस्टम से जीत हासिल की और स्वर्ण पर कब्जा जमाया। नॉर्डिक सिस्टम में फाइनल नहीं खेला गया, बल्कि विनेश ने अपने स्वर्ण तक के सफर में इस भारवर्ग में खेल रहे बाकी तीन पहलवानों को हराकर शीर्ष पर जगह बनाई।

विनेश का यह राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण है। इससे पहले उन्होंने 2014 में कुश्ती के 48 किलोग्राम भारवर्ग और 2018 में 50 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। यह 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में भारत का 000वां पदक और पांचवां स्वर्ण है। इससे पहले बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया और रवि दहिया स्वर्ण जीत चुके हैं।

क्या है नॉर्डिक सिस्टम

विनेश ने नॉर्डिक सिस्टम से स्वर्ण जीता है। पहले जानते हैं कि नॉर्डिक सिस्टम क्या है। नॉर्डिक सिस्टम क्रिकेट के राउंड रोबिन फॉर्मेट की तरह है। राउंड रॉबिन फॉर्मेट में हर टीम को विपक्षी टीम के खिलाफ एक-एक मैच खेलना होता है। नॉर्डिक सिस्टम में हर पहलवान को अपने भारवर्ग के दूसरे पहलवान के खिलाफ खेलना होता है। इसमें सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले पहलवानों को उस आधार पर रैंकिंग दी जाती है।

सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले पहलवान को पहला स्थान मिलता है। अगर सभी मैच के बाद दो खिलाड़ी समान अंक पर होते हैं तो उनके बीच मैच कराकर विजेता घोषित किया जाता है। यह सिस्टम तब लागू किया जाता है जब किसी भारवर्ग में पांच से कम प्रतिद्वंदी भाग ले रहे होते हैं। इस प्रणाली में सिर्फ एक ही ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है।

वहीं, किसी भारवर्ग में छह या उससे ज्यादा पहलवान के खेलने पर क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड के तहत मैच खेले जाते हैं। इस तरह के फॉर्मेट में दो ब्रॉन्ज मेडल दिए जाते हैं। साथ ही पहलवानों को कांस्य जीतने के लिए रेपचेज राउंड भी खेलना होता है। यह सब नॉर्डिक सिस्टम में नहीं होता।

विनेश ने नॉर्डिक सिस्टम से जीते तीनों मैच

महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में विनेश का पहला मैच कनाडा की समांथा स्टीवर्ट से था। विनेश ने यह मैच सिर्फ 36 सेकेंड में पिनफॉल से जीत लिया था। इसके बाद दूसरे मैच में विनेश ने नाइजीरिया की मर्सी बोलाफुनोलुवा अडेकुओरोए को 8-0 से हराया।

इस मैच में भारतीय पहलवान ने पॉइंट्स से जीत हासिल की। तीसरे और आखिरी मैच को विनेश ने श्रीलंकाई पहलवान चमोदया केशानी मदुरावलागे को चित या यूं कहें पिनफॉल कर हराया। तीसरे मैच में विनेश ने 2 मिनट 24 सेकेंड में जीत हासिल की।

विनेश फोगाट की उपलब्धियां

राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण के अलावा विनेश 2019 नूर सुल्तान वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य जीता था। वहीं, वह दो बार की एशियन गेम्स पदक विजेता भी रह चुकी हैं। विनेश ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण और 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में कांस्य जीता था।

इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में विनेश सात पदक जीत चुकी हैं। इनमें एक स्वर्ण (2021), तीन रजत (2015, 2017, 2018) और चार कांस्य (2013, 2016, 2019, 2020) जीता है। वह 2013 जोहानिसबर्ग यूथ रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुकी हैं।

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