- भाजपा के लिए हमेशा मुफीद रहा पल्लवपुरम क्षेत्र
- वोट देने के बाद अपना ही फोटो खींचने से महरूम हुए वोटर
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: लोकसभा के दूसरे चरण का चुनाव शुक्रवार को संपन्न हुआ। सुबह से ही अपने मत का प्रयोग करने के लिए लोगों की बूथ पर भीड़ रही, लेकिन सुबह के समय तो बूथों पर अच्छी खासी भीड़ दिखाई दी, लेकिन दोपहर में बूथ सुनसान दिखाई दिए। शाम होते-होते फिर से बूथों पर मतदान करने के लिए लंबी लाइन लगी। इस बार मतदान करने के लिए युवाओं में अच्छा खास क्रेज देखने को मिला। युवक-युवतियों ने अपने मत का प्रयोग किया और बेहद उत्सुकता दिखाते हुए बोले कि राष्ट्र हित में उन्होंने अपना मतदान किया और पहली बार मतदान करके वह बेहद खुश है।
पल्लवपुरम और मोदीपुरम में इस बार अच्छा खासा मतदान होते हुआ नजर आया। हालांकि यह क्षेत्र भाजपा के लिए सबसे बेहतर और मुफीद माना जाता है, लेकिन सुबह के समय यहां के बूथों पर भीड़ रही। दोपहर के समय यहां बूथों पर इक्का-दुक्का ही लोग रहे। शाम होते-होते फिर से बूथों पर अच्छी खासी भीड़ रही। पल्लवपुरम क्षेत्र में दलित और मुस्लिम बूथों पर साइकिल दौड़ती हुई नजर आई, लेकिन अन्य बूथों पर फूल का अच्छा खासा क्रेज रहा। खासकर युवाओं में भी इस बार वोट डालने को लेकर ज्यादा क्रेज देखने को मिला।

इस बार पहली बार वोट डालने वाली पल्लवपुरम की रहने वाली डोली का कहना है कि उसने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया है। राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वोट डाला है। पहली बार मत का प्रयोग करने के बाद बेहद उत्सुक नजर आए मनीष का कहना है कि मत देने हमारा अधिकार है। विकास के नाम पर उन्होंने मत दिया है। इस बार विकास करने वाले को पहली बार उन्होंने मत किया है। उधर, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। प्रत्येक बूथ पर पुलिस और पीएसी के अलावा आरपीएफ भी तैनात दिखाई दी है। जिसके चलते यहां शांतिपूर्वक मतदान हुआ।
हार्ट-किडनी सब फेल, लेकिन मतदान जरूर किया
मतदान के प्रति कुछ लोग कितने जागरूक होते हैं, इसका एक प्रमाण प्रेमपुरी स्थित बूथ नंबर-44 पर देखने को मिला। जहां व्हील चेयर पर आए अनिल जैन ने काफी खराब हालत होने के बावजूद मतदान किया है। परिजनों ने बताया कि अनिल कुमार गंभीर रूप से बीमार हैं, उनके हार्ट और किडनी सब अंग फेल हो चुके हैं। वह इन दिनों ड्रिप और दवाइयां के सहारे अपनी अंतिम सांसें ले रहे हैं। डॉक्टर ने उन्हें लाइलाज घोषित कर रखा है। इसके बावजूद वे मतदान के प्रति अपना दायित्व पूरा करने के लिए वर्धमान एकेडमी रेलवे रोड में बनाए गए पिंक बूथ पर पहुंचे और अपना वोट डाला। उन्होंने व्हील चेयर पर पहुंचकर अपने हाथ से ईवीएम का बटन दबाया। उनके इस जज्बे को देखते हुए दूसरे मतदाताओं ने भी प्रेरणा ली और मतदान के लिए पहुंचे।
100 साल की लाली ने दबाया ईवीएम का बटन
गांवों में आम बोलचाल के दौरान लाली का संबोधन छोटी बच्ची के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र के जानी खुर्द स्थित सीएलएम इंटर कॉलेज में जीवन के 100 बसंत देख चुकी एक लाली भी वोट डालने पहुंची। अपनी कमजोर शारीरिक स्थिति के बावजूद बूथ पर पहुंचकर लाली ने ईवीएम का बटन दबाया। लाली पत्नी हुकम सिंह ने बूथ नंबर-341 पर पहुंचकर अपना वोट डाला। हालांकि उसके पास 85 प्लस सुविधा के अंतर्गत अपने घर से ही डाक मत पत्र डालने का विकल्प मौजूद था, लेकिन लाली ने ईवीएम का बटन दबाने को तरजीह दी। इसी चाहत ने लाली को अपने पौत्र-पौत्री के साथ वोटिंग करने के लिए बूथ तक पहुंचा दिया।
सेल्फी प्वाइंट तो बना दिये, मोबाइल पर लगाया बेन
अनदेखी और अव्यवस्था की मिसाल इससे बड़ी दूसरी देखने को नहीं मिल सकती कि प्रशासन ने वोट की चोट का नारा देते हुए मतदान केन्द्रों पर सेल्फी प्वाइंट तो बना दिये। लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए मतदान केन्द्रों के भीतर मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। जिससे इस सेल्फी प्वाइंट पर अपने फोटो खींचने की मतदाताओं की हसरत अधूरी ही रह गई। जिला अधिकारी-जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर बेहद आशावान रवैया अपनाये हुए थे। वह मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए महीनों से कोशिश कर रहे थे। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ऐसा पहली बार हुआ कि महिलाओं के लिए पिंक बूथ बनाये गये।

जबकि दिव्यांग मतदाताओं के लिए दिव्यांगजन मतदाता बूथ अलग बनाये गये थे। युवा मतदाताओं के लिए अलग से बूथ बनाये गये थे। प्रशासन ने एक सबसे अच्छी व्यवस्था यह की थी कि उसने सभी मतदान केन्द्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाये थे। इन सेल्फी प्वाइंट के बनाने का मकसद यह था कि वोट डालने के बाद मतदाता अपनी स्याह की हुई उंगली को दिखाते हुए इन सेल्फी प्वाइंट पर अपने फोटो बतौर यादगार खींच सके। लेकिन प्रशासन की इस पहल पर पुलिस ने पूरी तरह से पानी फेर दिया। बड़ी उम्मीद से मतदाता इन सेल्फी प्वाइंट पर फोटो खींचने के मकसद से मोबाइल लेकर मतदान केन्द्रों पर पहुंचे
तो बाहर तैनात सीआरपीएफ तथा आरआरएफ के जवानों ने मतदान केन्द्रों के भीतर मोबाइल ले जाने से साफ इंकार कर दिया। युवा मतदाता इन सुरक्षा कर्मियों की खुशामद करते रहे कि उनको तो सिर्फ वोट डालने के बाद फोटो खींचना है। लेकिन इन सुरक्षा कर्मियों ने किसी की भी एक न सुनी तथा मोबाइल के बिना ही मतदान केन्द्र के भीतर जाने दिया। मतदाताओं में सुरक्षा कर्मियों के इस रवैये से काफी खौफ देखा गया।
वोटिंग को लेकर फर्स्ट टाइम वोटर में दिखा गजब का उत्साह
पहली बार वोट करने का जो उत्साह है वह शुक्रवार को फर्स्ट टाइम वोटरों में बखूबी देखने को मिला। मतदान स्थलों पर आये युवाओं ने जमकर वोट तो किया ही, साथ ही उन्होंने भविष्य में देश को ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबंधता को भी दोहराया। नवयुवक वोटरों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में आ रही समस्याओं का पर भी बेबाकी से अपनी बात कही। सोशल मीडिया के दौर में जागरूकता के मामले में युवा वोटर सबसे आगे दिखाई दिये।
18वीं लोकसभा 2024 के लिये शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान एनएएस इंटर कालेज के बूथ पर पहुुंचे फर्स्ट टाइम युवा वोटर भविष्य ने कहा कि जब अंगुली पर नीली स्याही का निशान लगा तो अंदर से देश के सजग और जागरूक नागरिक होने का अहसास हुआ। भविष्य का कहना था कि अब से पहले वह मतदान के समय वह वोटिंग बूथ पर होने वाली गतिविधियों को माता-पिता से सुनता आया था, आज जब वह मतदान स्थल पर पहुंचा तो यहां का नजारा देखकर कुछ अलग ही अहसास हुआ। एक अन्य फर्स्ट टाईम वोटर अवनी ने कहा कि उन्हें वोट करने का पहली बार मौका मिला है और इसका वह भरपूर फायदा उठायेंगी।

देश में हो रहे विकास की गति को बढ़ाने और हर वर्ग को बेहतर नागरिक सुविधाएं देने की वह आने वाली सरकार से उम्मीद करती है। इधर, मेरठ विकास प्राधिकरण पर बने पोलिंग बूथ पर मतदान करने पहुंची सुहानी अग्रवाल ने बताया कि वह दिल्ली से बीकॉम कर रही है और सुबह ही यहां पर आई है। पहली बार वोट करने के उत्साह को बयान करते हुये सुहानी ने बताया कि बूथ का नजारा पहली बार देखा है और लोकतंत्र के इस पर्व से जुड़ने को वह अपना सौभाग्य मानती हैं। इकोनोमिक्स की छात्रा सुहानी ने कहा कि जिस विषय को वह पढ़ रही है। वह देश की अर्थव्यवस्था को गहराई से समझने का मौका देता है। मौजूदा समय में आर्थिक समानता को लेकर असमंजस की स्थिति है।

