- गंगा में 75 हजार क्यूसेक पानी हुआ, बाढ़ का खतरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गंगा व गंगनहर में जल स्तर बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने येलो अलर्ट भी घोषित कर दिया है। क्योंकि अगले दो दिन भारी बारिश के आसार बताये जा रहे हैं। वैसे तो गुरुवार को भी दिन भर बारिश होती रही। उधर, गंगनहर में जल स्तर अचानक बढ़ गया है। अब गंगनहर में पानी का बहाव बॉर्डर लाइन को छू रहा है।
यही नहीं, यूपी सरकार ने शुक्रवार और शनिवार दो दिन के लिए प्रदेश भर के स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर दिया है। क्योंकि मौसम विभाग ने 17 व 18 सितंबर को प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसको ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने अलर्ट घोषित करते हुए स्कूल व कॉलेज बंद कर दिये हैं। पहाड़ी क्षेत्र में भी भारी बारिश पिछले तीन दिन से हो रही है।
मैदानी क्षेत्र में भी लगातार बारिश पड़ रही है, जिसके चलते नदी व गंगा का जल स्तर अचानक बढ़ गया है। बिजनौर बैराज पर 56 हजार क्यूसेक पानी वर्तमान में चल रहा है। सर्दी के मौसम में यह 30 हजार क्यूसेक रहता हैं। हरिद्वार में 75 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। पानी का जल स्तर और भी बढ़ने के आसार हैं।
गंगनहर में जल स्तर अचानक बढ़ा हैं, जिसके चलते बॉर्डर पर पानी का स्तर पहुंच गया है। इससे ज्यादा जल स्तर बढ़ा तो आने वाले दिनों में दिक्कत बढ़ सकती है। इसको लेकर भी सिंचाई विभाग ने अलर्ट घोषित कर दिया है। बारिश यदि लगातार होती है तो दिक्कत और भी बढ़ सकती है।
वेस्ट यूपी में बारिश का 48 घंटे का अलर्ट
मानसून की मेहरबानी के चलते वेस्ट यूपी में बदरा झमाझम बरस रहे हैं। बारिश का असर अभी कम होता नहीं दिख रहा है। दोपहर के समय फिर से तेज बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की है। अभी मौसम वैज्ञानिक के अनुसार 48 घंटे तक वेस्ट में ऐसे ही मौसम बना रहेगा।
गुरुवार को मौसम अन्य दिनों की अपेक्षा बदला हुआ दिखाई दिया। दिन में तेज बारिश और हवा हुई तो दिन का तापमान भी छह डिग्री तक गिर गया। तापमान में गिरावट के साथ शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस की गई। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि बारिश 16.8 मिमी रिकॉर्ड की गई।
मौसम वैज्ञानिक डा. एम समीम का कहना है कि अभी दो दिन तक बारिश का असर बना रहेगा बारिश से मौसम खुशनुमा रहेगा और गर्मी से राहत रहेगी। अभी मानसूनी बारिश यहां पर अच्छी हो रही है। उधर, प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में पिछले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण हुए हादसों में 45 लोगों की मौत हुई हैं, प्रतापगढ़ और अयोध्या में रिकॉर्ड बारिश हुई है।
लखनऊ में पिछले 36 घंटे में 228.6 मिमी से भी अधिक बारिश, अगले 40 घंटे तक बारिश के आसार बने हुए हैं। वेस्ट यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, नोएड़ा, बुलंदशहर में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। वेंकटेश दत्ता के अनुसार, इससे पहले 14 सितंबर 1985 को लखनऊ में सितंबर में सबसे अधिक दैनिक वर्षा 177 मिमी दर्ज की गई थी।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मंडलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारीगण क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। उन्होंने 17 व 18 सितम्बर, 2021 को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा के दृष्टिगत जनपदों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराए जाएं। आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल-जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

