Thursday, May 13, 2021
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मेरठ शहर में यह कैसा लॉकडाउन ?

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  • दिनभर खुले रहे शराब के ठेके और सड़कों पर दौड़ते रहे वाहन, गलियों में लोगों का जमावड़ा
  • मुख्य चौराहों पर नजर आई पुलिस, बाकी चौराहे रहे खाली

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यह कैसा लॉकडाउन, दिनभर शहर के शराब ठेके खुले रहे और सड़कों पर वाहनों का आवागमन हुआ। हालांकि कुछ सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दिया तो गलियों में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। पुलिस सड़कों पर घूमने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती से पेश आई, इसके बावजूद खैरनगर स्थित दवा मार्केट में दिनभर भीड़ दिखाई दी।
कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है और शहर में प्रतिदिन कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

जिसके चलते सरकार ने कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए शहर में पहले नाइट कर्फ्यू लगाने की घोषण की। इसके बाद अब प्रदेशभर में शनिवार व रविवार को लॉकडाउन लगाने के आदेश दिए। सरकार की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए शहर की पुलिस सुबह से सड़कों पर दिखाई दी, लेकिन इसके बावजूद दिनभर लोगों का आवागमन होता रहा और गलियों में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। यही नहीं कुछ जगहों पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया और रेहड़ी लगाने वालों व वाहनों चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की।

चालान काटकर वसूला जुर्माना

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस थाना, चौकी व चौराहों समेत 66 जगहों पर लाउडस्पीकर लगाए हुए है। साथ ही 110 वाहन शहर में घूम रहे हैं जो लोगों से सरकार की गाइड लाइन का पालन करने के लिए लगातार अपील कर रहे हैं।

वहीं, पुलिस ने शनिवार को लॉकडाउन के दौरान धारा 144 का उल्लंघन करने वाले 91 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 6627 रुपये का जुर्माना वसूल किया। बिना मास्क लगाने वाले 5110 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 63710 रुपये वसूल किए। साथ ही नाइट कर्फ्यू व लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 72 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 10497 रुपये का जुर्माना वसूल किया।

मार्केट लॉक, सड़कें अनलॉक

कोरोना संक्रमण तीव्र गति से पैर पसार रहा है। हालात ये हो गए हैं कि संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए भी आम जनमानस को सिफारिसों की आवश्यकता पड़ रही है। आॅक्सीजन की कमी के कारण भी हर रोज कही ना कही हंगामा देखने को मिल रहा है। आम जनमानस में कोविड-19 संक्रमण के प्रति वो जागरूकता दिखाई नहीं दे रही, जो गत वर्ष दिखाई दी थी।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एवं कोविड-19 संक्रमण की चैन को ब्रेक करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक साप्ताहिक 59 घंटे का लॉकडाउन लागू किया गया था। ताकि संक्रमण की चेन को ब्रेक किया जा सके, लेकिन जब जनवाणी की टीम ने लॉकडाउन एवं कर्फ्यू के शुरु होने के 16 घंटो पश्चात शहर का दौरा किया तो शहर भर में मार्केट तो बंद पड़ी मिली। मगर शहर बेगमपुल, घंटाघर, हापुड़ अड्डे एवं तेजगढ़ी सहित अन्य प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था उसी तरीके से चल रही थी। जैसे कि आम दिनों में चलती है।

ई-रिक्शा, टेम्पो एवं अन्य प्रकार के वाहन से लोग सफर करते दिखाई दिए। पुलिस प्रशासन की टीम ने कुछ लोगों को रोका तो उन्होंने जिन आवश्यक कार्यो के लिए शासन ने छूट प्रदान की है, उनका बहाना बना दिया। खैरनगर में तो स्थिति और भी भयावह दिखाई दी, जहां पर लोगों द्वारा बिल्कुल भी नियमों का पालन नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस प्रकार हम कोविड-19 के संक्रमण की चेन को ब्रेक कर पाएंगे।

लॉकडाउन: बस स्टैंड पर यात्रियों के इंतजार में खड़ी रहीं बसें

परिवहन निगम के निर्देशानुसार लॉकडाउन में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बसों का संचालन करने की अनुमति दी गई है। ऐसे में बस अड्डे पर शनिवार को बसें तो नजर आर्इं, लेकिन यात्रियों की संख्या ना के बराबर ही रही। बस स्टैंड पर यात्रियों के इंतजार में बसें खाली ही खड़ी रहीं।

दो दिवसीय लॉकडाउन का पहला दिन शनिवार को रहा। परिवहन निगम द्वारा शहर के तीनो डिपो से बसों का संचालन किया गया। लेकिन लॉकडाउन के चलते यात्रियों की कमी खली। भैंसाली बस अड्डे पर सभी बसों बिना यात्रियों के ही खड़ी नजर आर्इं। सिर्फ गिने-चुने यात्री ही स्टैंड पर नजर आए। वहीं, सोहराब गेट बस अड्डे के भी यही हालांत रहे। सभी रुटों पर निगम द्वारा बसों का संचालन तो किया गया, लेकिन यात्रियों के न होने से बसें स्टैंड पर ही खड़ी रहीं।

सिर्फ कुछ बसें एक-दो यात्रियों को लेकर ही रवाना हुर्इं। वहीं, अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट लॉकडाउन की वजह से बंद होने के कारण भी असर देखने को नहीं मिला। बस अड्डों तक पहुंचने के लिए कोई साधन न होना भी इसका कारण रहा। हालांकि इससे रोडवेज को नुकसान झेलना होगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भैंसाली डिपो राकेश कुमार ने बताया कि सभी बसों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति दी गई है। लेकिन शनिवार को यात्रियों के न होने की वजह स्टैंड पर बसें खाली ही खड़ी रहीं।

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