जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिकी टैरिफ से बचाने के साथ-साथ व्यापार को प्रोत्साहन देना है। इनमें निर्यात बढ़ाने के लिए कुछ आयात शुल्क घटाने की घोषणा की गई है, जिससे व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी। इसके साथ ही, घरेलू खपत को बढ़ावा देने के लिए भी कई वस्तुओं के शुल्क में कमी की गई है।
क्या होगा सस्ता, क्या महंगा?
समुद्री खाद्य उत्पाद: समुद्री खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए शुल्क मुक्त आयात की सीमा बढ़ाई गई है, जिससे मछलीपालन उद्योग को राहत मिलेगी और ये उत्पाद सस्ते होंगे।
जूते: जूतों के ऊपरी हिस्सों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इनके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है, जिससे जूते सस्ते होंगे और निर्माण लागत भी कम होगी।
चमड़ा और वस्त्र परिधान: चमड़े और वस्त्र परिधानों के निर्यात में मदद के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर छूट की समयसीमा एक साल के लिए बढ़ाई गई है, जिससे इनकी कीमत स्थिर रहेगी।
लिथियम आयन बैटरियां: लिथियम आयन सेल विनिर्माण में प्रयोग होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) के लिए बैटरियों की कीमत घटेगी और ये सस्ती हो सकती हैं।
सोडियम एंटीमोनेट: इस रासायनिक तत्व के आयात शुल्क पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी गई है, जो टेलीविजन ट्यूब्स, ऑप्टिकल ग्लास और दमकल उपकरणों में उपयोग होता है। इसका असर टीवी और दमकल उपकरणों की कीमतों पर पड़ेगा।
न्यूक्लियर परियोजनाएं: न्यूक्लियर परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर छूट जारी रहेगी, जिससे इन परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी।
खनिज प्रसंस्करण: अहम खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट मिलेगी, जिससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और खनन प्रक्रिया सस्ती होगी।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी: बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय सीमा शुल्क की गणना में बायोगैस के मूल्य पर छूट मिलेगी, जिससे यह सस्ता होगा।
विमान निर्माण: एयरक्राफ्ट विनिर्माण के घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव किया गया है, जिससे भारत में विमान निर्माण सस्ता होगा और “मेक इन इंडिया” को प्रोत्साहन मिलेगा।
रक्षा उपकरण: रक्षा क्षेत्र के विमानों के पुर्जे के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट मिलेगी, जिससे भारत में रक्षा उपकरणों का निर्माण सस्ता होगा। इससे विदेशी कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
माइक्रोवेव ओवन: माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी, जिससे ये सस्ते होंगे।
निजी उपयोग के आयात: निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, जिससे इन वस्तुओं की कीमतें घटेंगी।
कैंसर और गंभीर रोगों की दवाइयां: कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी, और 7 अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर निजी आयात शुल्क में छूट मिलेगी, जिससे ये दवाइयां सस्ती होंगी।

