- नए तीन कृषि कानून के विरोध में एलम में रौंदी फसल
जनवाणी संवाददाता |
कांधला: नए कृषि कानून के विरोध के चलते गुस्से में आकर कस्बा एलम के किसान ने खेती में खड़ी अपनी चार बीघा गेहूं की फसल को रूटरी चलाकर नष्ट कर दिया। किसान का कहना है कि आगे वह अपनी गन्ने की फसल में आग लगाने की से पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान अन्य किसानों ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया।
रविवार को नगर पंचायत एलम निवासी किसान देवेन्द्र उर्फ कल्लू पुत्र गोवर्धन ने गांव भनेड़ा स्थित अपने खेत में ट्रैक्टर से रूटरी चलाकर खेत में खड़ी गेहूं की फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया। जिसे देख आस-पास के खेतों में काम कर रहे किसानों सतबीर सभासद, प्रमेन्द्र, कुम्भा राम आदि ने वहां पहुंचकर उसे समझाने का प्रयास करते हुए फसल को नष्ट करने से रोकने की कोशिश की लेकिन देवेन्द्र ने किसी की बात ना मानते हुए देखते ही देखते अपनी पांच बीघा गेहूं की लहलहाती फसल को बर्बाद कर दिया।
किसान देवेन्द्र ने बताया कि कृषि कानून बिल के विरोध में उसने अपनी गेहूं की फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। जब तक मोदी सरकार कृषि बिल को वापस नहीं लेती, तब तक इसी तरह से विरोध करते रहेंगे। किसान का ये भी कहना है कि अभी तो खड़ी फसल नष्ट किया है।
यदि जरूरत पड़ी तो वह अपनी गन्ने की फसल को आग के हवाले करने से भी पीछे नही हटेगा। केन्द्र सरकार ने किसानों को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने किसानों को बेरोजगार बना दिया है। अब हमारी जमीनों पर निगाह लगाए बैठी है। अगर सरकार ने तीनों काले कानून वापस नही लिए तो वह आगे से अपनी जमीन में फसले बोना बंद कर देगे। किसान देवेन्द्र केन्द्र सरकार को तानाशाह बताते हुए बेहद आक्रोशित है।

