नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सनातन धर्म में गायत्री जयंती का त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता हैं। गायत्री जयंती का त्योहार गायत्री माँ को समर्पित होता हैं। माता गायत्री को वेदों की देवी माना जाता है और उनका गायत्री मंत्र सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है। गायत्री जयंती ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन गायत्री मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन से सारी परेशानीयां दूर हो जाती है और ज्ञान की प्राप्ति होती हैं। आपको बता दें कि अलग-अलग मान्यताओं के चलते गायत्री जयंती साल में दो बार मनाई जाती है।
गायत्री जयंती तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, गायत्री जयंती श्रावण पूर्णिमा तिथि यानी 18 अगस्त को प्रातः 3:04 बजे से शुरू होगी और 19 अगस्त को प्रातः 11:55 बजे समाप्त होगा।
कब है शुभ समय?
- गायत्री जयंती के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा।
- गायत्री जयंती के दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2:39 बजे से 3:31 बजे तक रहेगा।
- गायत्री जयंती पर शाम 6:11 बजे से दोपहर 2:26 बजे तक अमृत योग रहेगा।
क्या महत्व होता हैं?
गायत्री मंत्र हिंदू धर्म में सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है। इस मंत्र में 24 अक्षर हैं जो संसार की उत्पत्ति और जीवन के सार का प्रतीक हैं। माना जाता है कि गायत्री जयंती के दिन गायत्री मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है। मरने के बाद भी लोगों को बचाया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन मां गायत्री की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन आपको जितनी बार संभव हो सके गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।

