जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 11 हजार हाईटेंशन लाइन का जाल पूरे गांव के पास फैला है। विद्युत विभाग ने इस जाल को क्यों फैला रखा है इसका जवाब तो वही देगें, मगर गांव के आस पास कोई औद्योगिक बड़ा एरिया नहीं है।
हां एक छोटी फैक्ट्री अवश्य है। ग्रामीण इस हाईटेंशन लाइन को गांव से दूर हटाने की मांग साल 2008 से कर रहे हैं। कई बार इस बात की शिकायत शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन और विद्युत महकमें से की गई लेकिन, सुनवाई तो दुर्घटना के बाद भी नहीं होती है। जब पूरे गांव में हाईटेंशन लाइन है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण मौत के साए में जी रहे हैं।
गांव राली चौहान के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गई हुई है। कांवड़ गांव में लाने के लिए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के जेई को बिजली शटडाउन करने को कहा था। जेई ने शटडाउन भी किया, लेकिन कांवड़ निकलने से पहले ही बिजली चालू हो गई। और फिर डीजे हाईटेंशन लाइन से जा टकराया। देखते ही देखते डीजे में 11 हजार वोल्ट का करंट उतर आया।
मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को फोन किया। उनके आने से पहले ही घायलों को बाइकों पर लेकर अस्पताल की तरफ भागे। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई, 5 बार पुलिस को फोन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अस्पताल में कई लोगों को लेकर गए लेकिन न्यूटिमा सहित अन्य अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया।
मोबाइल फोन की रिकॉर्डिंग भी है…
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस देर से पहुंची है। तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी। एक घायल की मौत बाद में हुई। 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आस पास के लोगों ने बताया है कि हादसे की पूरी जिम्मेदारी जेई है, गलती जेई ने की है।
एक कांवड़िया संजय साहनी ने बताया कि हम लोगों को कांवड़ गांव में लेकर आनी थी। हमने जेई को फोन किया। शटडाउन मांगा.. उसकी रिकार्डिंग भी है। जेई ने शटडाउन किया। उसके बाद बिजली चालू कर दी। डीजे आने तक 4 बार लाइन ट्रिप हुई। डीजे का एंगल लाइन से टकराया और करंट उतर गया।
घटना से आहत ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से नाराजगी जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। देर रात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अस्पताल और गांव में पहुंचे। मगर, जाम की वजह से पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। गांव और अस्पताल में एंट्री बंद करनी पड़ी।