
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्ष के खिलाफ नया ‘महाभियोग’-सा प्रस्तावित किया-राजधानी दिल्ली में अपनी पार्टी के नए केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, ‘जो लोग (विपक्षी नेता) भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उन पर एजेंसियां कार्रवाई करती हैं तो एजेंसियों पर हमला किया जाता है।’ इतना ही नहीं, ‘जब कोर्ट कोई फैसला सुनाता है तो कोर्ट पर सवाल उठाया जाता है…(क्योंकि) कुछ दलों ने मिलकर भ्रष्टाचारी बचाओ अभियान छेड़ा हुआ है।’ कोर्ट पर सवाल उठाने को इस तरह ‘भ्रष्टाचारी बचाओ अभियान’ से जोड़ने का मतलब साफ है, वे इन सवालों को इस कथित अभियान जितना ही गर्हित मानते हैं। यों, हम जानते हैं कि वे अपने या अपनी सरकार के फैसलों के खिलाफ उठने वाले सवालों को भी पूछने वालों का लोकतांत्रिक अधिकार नहीं ही मानते।