Friday, March 20, 2026
- Advertisement -

सर्वे रिपोर्ट के बावजूद एक्शन में विलंब क्यों?

  • ग्रीन वर्ज में बुलडोजर चलाने से मेडा ने पीछे खींचे कदम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माण का मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने सर्वे कराया था। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद खुद प्राधिकरण उपाध्यक्ष ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माणों को देखने के लिए टीम के साथ पहुंच गए थे। 6 अपै्रल को ग्रीन वर्ज में खड़ी अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर चलाने की तिथि भी फिक्स हो गई थी,

लेकिन अचानक प्राधिकरण के अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं। फिलहाल मेडा की टीम ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने से पीछे क्यों हट रही हैं? यह बड़ा सवाल हैं। एनजीटी के आदेश हैं, इसके बावजूद ग्रीन वर्ज में ताबड़तोड़ ढाबे, होटल, विवाह मंडपों का निर्माण कर दिया गया हैं। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई हो रही हैं, लेकिन ग्रीन वर्ज पर एनजीटी के आदेश के बाद भी अवैध निर्माण नहीं गिराये जा रहे हैं।

परतापुर से जैसे ही रुड़की की तरफ को चलते हैं, सड़क के दोनों तरफ ग्रीन वर्ज मास्टर प्लान 2021 में घोषित किया था। ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माणों को लेकर डा. अजय कुमार ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। एनजीटी की टीम भी कावड़ यात्रा के दौरान मेरठ का दौरा करने वाली थी, लेकिन इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यही नहीं, इसके बाद से तो ग्रीन वर्ज में ताबड़तोड़ बिल्डिंग बन गयी।

01 7

दो दर्जन से ज्यादा तो ओयो होटल ग्रीन वर्ज में बन गए। इनमें से एक का भी मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं हैं। ये ओयो होटल कैसे बन गए? इसके लिए जिम्मेदार मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? एनजीटी से बार-बार आदेश हो रहे हैं कि ग्रीन वर्ज को खाली कराया जाए, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई ग्रीन वर्ज में बने अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं।

हाल ही में प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने ग्रीन वर्ज को लेकर सख्ती दिखाई तथा यहां हुए अवैध निर्माणों की सूची भी बनवाई गयी। संबंधित जेई ने पूरी सूची बनाकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष को सौंप दी हैं। अवैध निर्माण किसके हैं? इनका पूरा उल्लेख मेडा इंजीनियरों ने किया हैं। इंजीनियरों के सर्वे रिपोर्ट के बाद खुद प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने निरीक्षण किया। उनके साथ प्राधिकरण इंजीनियरों की पूरी टीम साथ में रही। हाइवे पर एक-एक निर्माण को उपाध्यक्ष ने देखा। निर्माण व्यापक स्तर पर किये गए हैं।

एक-दो नहीं, अवैध निर्माण इतने की गिनती भी संभव नहीं हैं। ध्वस्तीकरण के आदेश 6 अपै्रल को थे, लेकिन अचानक मेडा अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने के निर्णय से बैकफुट पर आता हुआ दिखाई दे रहा हैं। अब 6 अपै्रल को तो ध्वस्तीकरण हुआ नहीं, आगे कोई तिथि भी प्राधिकरण की तरफ से फिक्स नहीं की गई हैं। कहा जा रहा है कि ज्यादातर अवैध निर्माण भाजपाइयों के हैं, जिसके चलते भारी विरोध हो सकता हैं। इसी के चलते प्राधिकरण के अधिकारी ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माणों को गिराने से पीछे हटते हुए दिखाई दे रहे हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

अब घबराने का समय आ गया है

हमारे देश में जनता के घबराने का असली कारण...

विनाश के बीच लुप्त होतीं संवेदनाएं

जब विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण के सहारे मानव सभ्यता...

ऊर्जा संकट से इकोनॉमी पर दबाव

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी ऊर्जा संकट गहराता है,...

Navratri Fasting Rules: नौ दिन के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सेहत हो सकती है खराब

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Saharanpur News: राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति सम्मान

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: चमनलाल महाविद्यालय में आयोजित 7वें उत्तराखण्ड...
spot_imgspot_img