- शराब के कारण जायदाद बेचने में लगा हुआ था प्रदीप
- एफडी बनवाने के बहाने घर बुलाया, शूटरों से करवा दी हत्या
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शास्त्रीनगर में बुधवार को हुई प्रदीप की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। शराब में जायदाद उड़ाने से खफा पत्नी ने दो शूटरों को डेढ़ लाख रुपये सुपारी देकर प्रदीप की हत्या करवाई थी। पत्नी ने दो बेटियों के नाम एफडी करवाने की बात करने के लिये प्रदीप को घर बुलाया और शूटरों से हत्या करवा दी। पुलिस ने पत्नी और एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो आरोपी मनीष और ममेरा भाई दीपांशु फरार हैं। पुलिस ने पत्नी व आरोपी शूटर समीर को कोर्ट में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मृतक प्रदीप शर्मा की पत्नी नीतू शर्मा पत्नी निवासी ग्राम शबगा थाना छपरौली जिला बागपत ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी गत सात जुलाई 2007 को राहुल पुत्र देवेन्द्र शर्मा निवासी बमनपुरा थाना खरखौदा के साथ हुई थी। राहुल की 2016 में मवाना रोड पर दुर्घटना होने के कारण मृत्यु हो गयी थी।
पति की मौत के आठ माह बाद अपने देवर प्रदीप शर्मा से कोर्ट मैरिज कर ली थी। प्रदीप शर्मा शराब पीने का आदी था आये दिन झगड़ता रहता था और बहुत फिजूल का खर्च करता रहता था। प्रदीप शर्मा ने ममेरे भाई दीपांशू शर्मा के खिलाफ थाना लिसाडी गेट में धारा 307 का झूठा मुकदमा लिखवा दिया था। इस कारण पति से तंग आ चुकी थी।
प्रदीप पास भी नही रहता था तथा मकान में से कुछ भी नही देने की धमकी देता था। उसके पिता देवेन्द्र शर्मा भी उसके कहने में रहते थे और प्रदीप ने उनसे जमीन बिकवाकर पैसे उडाने शुरू कर दिये। प्रदीप ने मकान का भी सौदा कर रहा था। इस बात से तंग व परेशान होकर ममेरे भाई दीपांशू पुत्र सुनील शर्मा के साथ मिलकर प्रदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनायी।

दीपांशू ने अपने साथी मनीष शर्मा व समीर से सारी बात बताकर उनसे प्रदीप से हटाने की बात की। अब से पांच दिन पहले समीर व मनीष से डेढ़ लाख रुपये में प्रदीप को मारने की बात तय हो गयी और चारों ने मिलकर योजना बनायी कि प्रदीप शर्मा को फैसला करने के झांसे में लेकर घर बुलाया जाये और मौका देखते ही उसकी हत्या कर दी जाये।
नीतू ने बताया कि उसने प्रदीप से कहा कि वह मेरे दोनों बच्चो पीयूष शर्मा व पीहू शर्मा के नाम 5-5 लाख रुपये एफडी कर देगा तो मैं उसे अपने बच्चों के साथ घर में रख लूंगी। इस सम्बन्ध में प्रदीप से बात की तो वह राजी हो गया और योजना के मुताबिक कल उसे पैसे लेकर सुबह 11 बजे शास्त्रीनगर मकान पर आने के लिए कहा था।
नीतू ने बताया कि वह घर पर ही मौजूद थी। समीर व मनीष बाइक से प्रदीप को मारने के लिए उनके आने से पहले ही कालोनी में आकर मंदिर के पास खड़े हो गये। पति भीष्म की गाड़ी से शास्त्रीनगर मेरे पास घर आये फिर मैंने कहा कि अभी एफडी कराने बैंक चल रहे हैं।
श्राद्ध का दौना रखवाने मंदिर भेजा
तुम बाहर मंदिर पर श्राद्ध का दौना रख आओ तो वहां वह भीष्म से बात करने लगे जब लौटकर कमरे की तरफ आ रहे थे तभी मौका देखकर मनीष शर्मा पुत्र रवेन्द्र शर्मा निवासी ग्राम भटीपुरा थाना किठौर व समीर सैफी उर्फ सैम पुत्र सगीर सैफी निवासी गैसूपुर थाना भावनपुर ने गोलियां मारकर प्रदीप की हत्या कर दी और वहां से भाग गये। भीष्म व अन्य मोहल्ले वाले प्रदीप को उठाकर अस्पताल ले गये और मैं वहां से सीधे अपने ममेरे भाई दीपांशू के पास गई। दीपांशु स्कूल से भाग गया और वह घर वापस आ गई।
शूटरों को पैसा नहीं मिला
एसपी सिटी ने बताया कि नीतू ने शूटरों से कहा था कि हत्या हो जाने के बाद जब प्रदीप का पैसा और संपत्ति उसके नाम हो जाएगी तो वो सुपारी की रकम दे देगी। इस बात पर शूटर समीर और मनीष राजी हो गए थे।
मनीष शातिर अपराधी से लाया था पिस्टल
प्रदीप शर्मा की हत्या करने के लिये समीर ने मनीष से संपर्क किया था। मनीष ने अपने एक अपराधिक मित्र से पिस्टल ली थी। पुलिस अब मनीष की तलाश कर रही है।

