- हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर तीन को दबोचा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शासन की सख्त रोक के बावजूद जानी के टीकरी इलाके में भ्रूण परीक्षण किया जा रहा था और स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेखबर थे। मेरठ के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की अकर्मणता व भ्रूण परीक्षण करने वालों की कारगुजारी का खुलासा तब हुआ, जब हरियाणा से आयी स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने सोमवार को भ्रूण परीक्षण का रैकट चलाने वालों को घेरकर दबिश दी।
मौके से तीन लोगों को दबोच लिया। हालांकि यह बात अलग है कि मुख्य आरोपी बताया जा रहा एक शख्स भ्रूण परीक्षण के लिए यूज की जा रही अल्ट्रा साउंड मशीन लेकर मौके से फरार हो गया। रैकेट चलाने वाले महज 35 हजार फीस लेकर बता देते थे कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की।
ये है घटनाक्रम
जानी थाना क्षेत्र के टीकरी गांव के समीप भोला में सोमवार को हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भ्रूण परीक्षण करने वाले रैकेट के तीन आरोपी गिरफ्तार किए। ये लोग चलती फिरती मोबाइल वैन में भ्रूण परीक्षण का काम करते थे। उसमें भ्रूण परीक्षण का रैकेट चलाया जा रहा था। दरअसल, ऐसा इसलिए किया गया ताकि सिस्टम की आंखों में धूल झोंकी जा सके। आरोपी कार के अंदर अल्ट्रासांउड मशीन से भ्रूण परीक्षण कर रहे थे। मुख्य आरोपी अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर फरार हो गया।
अरसे से मिल रही थी सूचना
स्वास्थ्य विभाग की दबिश टीम लेकर पहुंचे हरियाणा के सोनीपत जिले के जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नोडल अधिकारी सुमित कौशिक ने संवाददाता को बताया कि उन्हें काफी समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के जनपद के जानी क्षेत्र के जंगल मे एक गिरोह कार में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर भ्रूण परीक्षण कर रहा है। इसको दबोचने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे।

दरअसल, ये लोग गाड़ी में भ्रूण परीक्षण करते थे। जिसकी वजह से इनका ठिकाना हर बार बदल जाता था। उन्होंने बताया कि ये बेहद शातिर हैं और जानते थे कि एक यदि एक स्थान पर लगाकर काम किया तो नजर में आ जाएंगे, इसके चलते लगातार ये लोग जगह-बदलते रहते थे।
ज्यादा मरीज हरियाणा से
दरअसल, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम के दबिश देने का कारण भ्रूण परीक्षण रैकेट चलाने वालों के मरीजों का हरियाणा के सोनीपत, पानीपत आदि जनपदों का होना था। ऐसे कई मरीज हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की दबिश देने पहुंची टीम के रडार पर होने बताए जाते हैं, जो इस रैकेट के जाल में फंसकर भ्रूण परीक्षण करा चुके थे।
वहीं से इन गिरोह का क्लू मिला। यह रैकेट इसके लिये ग्राहक से 30 हजार से 35 हजार तक रुपये वसूल रहा है। ऐसा नहीं कि 35 हजार का फिक्स रेट तय था। ग्राहक निकलने ना पाए इसके लिए भ्रूण परीक्षण के लिए कुछ रकम कम भी कर दी जाती थी, लेकिन कुछ ऐसे भी क्लाइंट हुआ करते थे, जिनसे अच्छी खासी रकम ये गिरोह ऐठ लेता था।
ऐसे बिछाया जाल
भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह को दबोचने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाकायदा जाल बिछाया। अपनी पहचान छिपाकर रैकेट चलाने वालों से संपर्क किया गया। उन्हें बताया गया कि दो महिलाओं का भू्रण परीक्षण कराने हैं। तमाम बातें तय कर ली गयीं। बताया जाता है कि इसके लिये गिरोह के सदस्य ने उनसे 77 हजार रुपये की मांग की। वहीं भ्रूण परीक्षण करने के लिये किस दिन तय होना है। इसके लिये बाद में दिन तय करने की बात कही।
जानी गंगनहर था बुलाया
सोमवार सुबह भ्रूण परीक्षण करने वाले के सदस्यों ने कॉल करके उन्हें जानी गंग नहर के पास बुलाया। सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला नोडल अधिकारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में भोला के पास टीकरी के जंगल में रैकेट की पकड़ने के लिये जाल बिछाया। टीम ने पुलिस को साथ लेकर छापा मारा तो एक आरोपी फरार हो गया। जबकि तीन आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। बताया गया है कि मुख्य आरोपी नरेंद्र कौशिक मौके से मशीन लेकर फरार हो गया।
लास्ट तक बेखबर रहे मेरठी अफसर
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर मेरठ स्वास्थ्य विभाग के अफसर लास्ट तक बेखबर रहे, लेकिन उनके बगैर लिखा पढ़ी संभव नहीं थी। जिसके चलते सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेरठ की स्वास्थ्य विभाग टीम को सूचना दी। सूचना मिलने पर डा. प्रवीण गौतम एसीएमओ पहुंचे और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की और रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। आरोपियों के पास से 30 हजार रुपये एक लैपटॉप एक जैल, एक चद्दर, एक ब्रेजा कार बरामद की गई है।

