- हत्या, लूट और छिनेती की वारदात को दें रहे लगातार अंजाम
विनोद फोगाट |
मेरठ: जिले में अपराध चरम पर है, लगातार हो रही हत्या, लूट व छिनेती की वारदात में अधिकांश युवा ही पकड़े जा रहे हैं। पुलिस व अभिभावकों की लाख कोशिशों के बावजूद युवा जरायम की दुनिया में कदम रख रहे है। यही नहीं युवा वर्ग नशे का आदी भी होता जा रहा है। नशे की लत और अन्य शौक पूरे करने के लिए युवा किसी भी हद तक पहुंच रहे हैं। चाहे उन्हें दोस्तों के खून से हाथ रंगने पड़े या फिर किसी अन्य के खून से। हाल ही में ऐसे कई मामले पुलिस के सामने आए हैं।
बुधवार को नौचंदी थाना पुलिस ने तीन लुटेरे बादल, विहान व गोविंद को गिरफ्तार किया था। जिनमें बादल सेना से रिटायर्ड सूबेदार का बेटा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह तीनों नशे के आदी है। ज्यादा नशा करने के चलते परिजनों ने इन तीनों को टीपीनगर क्षेत्र के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। जहां पर इन तीनों की मुलाकात हुई और अपना एक गैंग बना लिया।
नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद युक्त तीनों युवकों ने अपने शौक पूरे करने के लिए महिलाओं से लूट करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों में लगातार वारदात करने के चलते इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में 10 से अधिक मुकदमें भी दर्ज हो गए। थाना पुलिस ने तीनों युवकों को लूट के मामले में जेल भेजा है। वहीं गत दिनों सरुरपुर थाना पुलिस ने कस्बा करनावल के रहने वाले हिमांशु की हत्या का खुलासा किया था।
जिसमें हिमांशु की हत्या करने वाले उसी के पांच दोस्त निकले। जिन्होंने मात्र 35 हजार रुपये के लिए अपने ही दोस्त को पहले गला दबाकर मारा, फिर उसके सीने पर चाकुओं से वार कर शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि पांचों युवक नशा के आदी होने के साथ-साथ अन्य कई महंगे शौक पाले हुए थे। जिन्हें पूरा करने के लिए उन्होंने जरायम की दुनिया में कदम रखा था।
हिमांशु की हत्या करने से पहले वह लूट की कई वारदातों को अंजाम दें चुके हैं। फिलहाल इन पांचों हत्यारोपियों में से चार आरोपी जेल में है और एक अभी पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा है। इसके साथ गुरुवार को टीपीनगर पुलिस ने भी तीन चोरों को पकड़ा है। जिनसे पूछताछ में सामने आया है कि वह भी अपने शौक पूरे करने के लिए ही घरों में घुसकर मोबाइल चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।
अभिभावक भी रखे युवाओं पर नजर
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि अधिकांश अपराधिक घटनाओं में युवा ही पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। इसी के साथ पता करना चाहिए कि उनके बच्चे किस तरह के लोगों के साथ बैठते और उनके साथ रहते हैं। अधिकांश युवा अभिभावकों की अनदेखी के चलते ही जरायम की दुनिया में कदम रख रहे हैं। ऐसे में सबसे पहले अभिभावकों को ही अपने बच्चों पर सख्ती करनी चाहिए।

