Friday, March 13, 2026
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वाह! जांच में छुपा दिए गए मूल तथ्य

  • जांच रिपोर्ट में सुधा रंजना के आधार कार्ड के नाम पते पर सवाल खड़ा किया
  • सुनील के पिता का वास्तविक नाम वलदीयत में क्या है? उसका जिक्र नहीं किया
  • निगम में कार्यरत एक लिपिक के रिकॉर्ड में दो पिता के नाम का प्रकरण
  • लगातार पकड़ता जा रहा तूल, सीएम को भेजी शिकायत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: निगम में कार्यरत एक लिपिक एवं अधिकारी के बीच मजबूत सेटिंग का आरोप लगाते हुये हापुड़ निवासी एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। शिकायती पत्र में उसने आरोप लगाया कि एक महिला से बैनामे के द्वारा करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मकान खरीदा गया था। वर्तमान में उस मकान पर निगम में कार्यरत लिपिक का कब्जा है। जिसमें मिलीभगत कर उसने गृहकर-एवं जलकर चिट्टो में अपनी सौतेली मां के साथ अपना नाम भी चढ़वा लिया है। लिपिक पर निगम के रिकॉर्ड में अपने दो पिता के नाम से अलग-अलग तरह से फायदा उठाने का भी आरोप लगाया गया है।

अपने मृतक ताऊ की जगह उसका दत्तक पुत्र बनकर नगर निगम में नौकरी प्राप्त करने व मां के हिस्से के मकान के बैनामे के दौरान अपने सगे पिता के नाम से निगम रिकॉर्ड में लाभ लिये जाने का आरोप लगाया। वहीं निगम में लगातार 3-4 बार मंगल दिवस में जनसुनवाई में शिकायत करने और जांच अधिकारी के द्वारा मूल तथ्यों को जांच में शामिल न करने और हर बार जांच में नया कुछ लिखकर उसे टरकाने का आरोप लगाया।

हापुड़ पक्का रोड निवासी दिनेश त्यागी पुत्र स्व. छिद्दा सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजने की बात कहते हुये बताया कि जनसुनवाई के दौरान शिकायती पत्र देने व उन पर हर बार जांच अधिकारी के द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट देने का आरोप लगाया। दिनेश ने बताया कि उसकी शिकायत पर हर बार जांच अधिकारी जो शिकायती पत्र में मूल तथ्य दिये जाते हैं। उनको जांच में शामिल न करके ऐसे तथ्यों को शामिल कर देते हैं। जिससे लिपिक को फायदा हो और उनके द्वारा जो फूलबाग कॉलोनी में बैनामे से मकान खरीदा गया है। उनका मकान पर कब्जा न हो सके। दिनेश ने बताया कि उनकी प्रमुख शिकायत लिपिक के द्वारा दो अलग-अलग पिता के नाम से लाभ लेने का आरोप लगाया।

वहीं जो अंतिम बार जांच रिपोर्ट भेजी है। उसमें जांच अधिकारी ने उक्त महिला पर भी मकान के मालिकाना हक को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं। जिससे उन्होंने मकान खरीदा था। जबकि हाउस टेक्स में महिला सुधा रंजना एवं लिपिक सुनील कुमार दोनों का नाम चढ़ा है। अब सुनील पर जो आरोप दत्तक पिता के नाम से नौकरी एवं अपने सगे पिता लालबाबू के नाम के आधार पर मकान पर मालिकाना हक जताया जा रहा है। उस तथ्य को जांच में शामिल नहीं किया जा रहा है।

जबकि उनकी शिकायत को यह कहते हुये गलत बताया जा रहा है कि सुधा रंजना के आधार कार्ड में जिस मकान का बैनामा किया है। उसका पता व जिस जगह पर वह रहती है। उसके आधार कार्ड के पते में अंतर है। जिसके चलते सुधा रंजना को ही जांच अधिकारी ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया और उसके द्वारा जो बैनामा किया गया। उसको ही संदेह के घेरे में कर दिया। वहीं जो नाम रंजना सुधा का निगम रिकॉर्ड में चढ़ा हुआ है।

उसको सर्वे टीम के आधार पर चढ़ा होना बताया है। इस मामले में दिनेश त्यागी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसके द्वारा बैनामे से खरीदे गये मकान को निगम में उसके नाम चढ़वाने और कब्जा दिलवाने की मांग करने की बात कही है। वहीं जांच अधिकारी एवं लिपिक के बीच मजबूत सेटिंग का भी आरोप लगाया है।

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