- पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ दौड़ रहे रात-दिन ओवरलोड वाहन
- सड़क ों का निकाल रहे दम, कौन रोकेगा इन ओवरलोड वाहनों की चाल?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: क्रांतिधरा में ओवरलोड वाहन न केवल सड़कों को तोड़ रहे हैं, बल्कि लोगों के जीवन के लिए भी खतरा बने हैं। इनके वजन का न कोई मापदंड है और न ही गति की कोई सीमा। आरोप है कि पुलिस प्रशासन की नजरें इनायत होने से ओवरलोड वाहन शहरभर से लेकर एनएच-58 तक बेखौफ होकर दौड़ रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ओवरलोड वाहन न केवल लोगों की जिदंगी लील रहे हैं, बल्कि सड़कों को भी तोड़ रहे हैं।
तेज रफ्तार व ओवरलोड वाहन डंपर, ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं। जो हादसे का कारण भी बन रहे। इनमें से अधिकतर हादसे ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार के कारण ही होते हैं। दिन छिपा नहीं कि शहर और देहात की सड़कों पर ओवरलोड वाहन ट्रैक्टर-ट्रॉला और ट्रक बेखौफ होकर निकल पड़ते हैं। इन्हें न ट्रैफिक पुलिस का डर है और न ही परिवहन विभाग व सेल टैक्स विभाग की कोई चिंता है।

ओवरलोड वाहनों का यह मौत का काफिला कभी कभार दिन से ही शुरू हो जाता है। सड़कों पर इस तरह के वाहन बेरोकटोक सरपट तरीके से दौड़ रहे हैं। न इनकी चेकिंग होती है और न ही इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई। ओवरलोड वाहन जैसे कि ट्रकों में बेहिसाब लदा गन्ना और ट्रैक्टर-ट्रॉलों में भरा धान और भूसा। ये शहर और देहात व नो एंट्री वाले इलाकों में कब और किस समय गुजर जाये, ये किसी को पता ही नहीं चलता है।
इनके लिए किस तरह के नियम बने हैं। इन नियमों की भी जानकारी संबंधित विभागों द्वारा सार्वजनिक तौर पर प्रसारित प्रचारित नहीं की जाती। इन वाहनों की चेकिंग की जिम्मेदारी पुलिस, परिवहन खनन विभाग सेल्स टैक्स विभाग की होती है। विभागों की लापरवाही के चलते शहर में दिन में भी रेत, भूसे व गन्नों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉले दौड़ते रहते हैं। न तो इन्हें किसी हादसों व नुकसान की चिंता है। इन वाहनों से कब कहां हादसा हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता है।
आये दिन ये ओवरलोड वाहन यदा-कदा सड़कों के ऊपर से जा रहे विद्युत तारों से भी टकरा जाते हैं। देहात क्षेत्रों में तो गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रकों का सड़कों पर ऐसा काफिला चलता है। जैसे कि इन्हें मौत का परमिट मिल गया हो। ये ओवरलोडेड ट्रक जो सड़क पर चलने वाले हर किसी के लिए जान का खतरा बन जाते हैं। घुमावदार रास्तों पर इनका खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। वहीं, ये चंद मिनटों में ही सड़क पर पलट जाते हैं।

यमदूत बनकर दौड़ रहे इन आवेरलोड वाहनों से हमेशा हादसों का अंदेशा बना रहता है। शाम होते ही बागपत रोड से बाइपास चौराहे पर इस तरह के ओवरलोड वाहनों को दौड़ते देखा जा सकता है। नो एंट्री के बावजूद ये वाहन नियत समय से पहले शहर में दौड़ पड़ते हैं। ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते इस तरह के ओवरलोड वाहनों से गत वर्ष भी कई हादसे हुए हैं।
इन सब के बावजूद पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी है। बीते रविवार को परीक्षितगढ़ में मवाना बस स्टैंड के पास दुकान पर गन्नों से भरा ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे विद्युत पोल भी टूट गए। जबकि दुकान भी क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गई।

