- एएसपी ब्रह्मपुरी, परतापुर इंस्पेक्टर ने की कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भूमाफिया यशपाल तोमर की ग्राम चिटहैरा तहसील दादरी जनपद गौतमबुद्धनगर में स्थित अपराध से अर्जित की गयी 135 बीघा (11.73 हेक्टेयर) जमीन पर अन्तर्गत धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गयी। अभियुक्त के विरुद्ध थाना ब्रह्मपुरी पर मुकदमा अपराध संख्या 107/22 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट पंजीकृत है।
जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक थाना परतापुर द्वारा की जा रही है। इसी मुकदमे की विवेचना के क्रम में सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त यशपाल तोमर के विरुद्ध उपरोक्त कार्रवाई की गयी है। मौके पर सहायक पुलिस अधीक्षक ब्रह्मपुरी विवेक यादव, तहसीलदार दादरी, लेखपाल चिटहैरा, एसएचओ दादरी, एसएचओ परतापुर व निरीक्षक अपराध थाना परतापुर मौजूद रहे।
एएसपी ब्रह्मपुरी ने बताया कि गिरोहबंद तरीके से भोले भाले लोगों को अपने आपराधिक कृत्यों से डरा धमकाकर व झूठे मुकदमों के फंसाकर लोगों की जमीनों को हड़पने वाले गैंग लीडर व भूमाफिया यशपाल तोमर पर मेरठ पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गयी है। यशपाल तोमर की दादरी, गौतमबुद्धनगर स्थित चिटहैरा गांव में करीब 135 बीघा (11.4 हेक्टेयर) की सम्पत्ति की कुर्की की कार्रवाई की गई।

जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 78 करोड़ है। बताया कि यशपाल तोमर एक शातिर अपराधी है, जो भोले भाले लोगों को डरा-धमकाकर उनके दुष्कर्म, अपहरण, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के झूठे मुकदमों में फंसाकर गिरोहबंद तरीके से उनकी जमीनों को हड़पने का कार्य करता था।ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज एक प्रकरण, जिसमें एक भाई द्वारा हत्या के प्रयास का मुकदमा दूसरे भाई व परिजनों पर दर्ज करायी गयी थी।
यशपाल तोमर नामक व्यक्ति ने एक पक्ष पर गोली चलवाकर व उन पर दवाब डालकर दूसरे पक्ष को मुकदमे में फंसा दिया, तत्पश्चात उनकी जमीन हड़प ली। प्रकाश में आया कि यशपाल तोमर इसी प्रकार से गिरोह बनाकर लोगों को झूठे मुकदमों में फंसा कर उनकी जमीन हड़प लेता है।
यशपाल तोमर पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध से अर्जित सम्पत्तियों की जांच करने पर प्रकाश में आया कि दादरी के चिटहैरा गांव में यशपाल ने इसी तरह अपराध से अर्जित कर करीब 135 बीघा जमीन अपने तीन नौकरों कृष्णपाल, कर्मवीर व बेलू के नाम करा रखी है।
उक्त तीनों के बैंक अकाउंटों का सहखातेदार यशपाल का ससुर है। ऐसी कुछ जमीने जिनका पूर्व में अधिग्रहण किया गया, उनके मुआवजे के पैसे अन्य खाते के माध्यम से यशपाल तोमर द्वारा लिए गए।

