Wednesday, April 1, 2026
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अपराधियों को आदर्श मानने से बचें युवा

Samvad 51

बीते दिनों मुंबई में बाबा सिद्दीकी हत्या हुई जिससे पूरा देश हिल गया। किसी को उम्मीद नहींं रही होगी कि बाबा सिद्दीकी की इस तरह हत्या कर दी जाएगी। कई लोग अलग-अलग नजरिये से इस घटनाक्रम को देख रहे हैं, लेकिन अधिकतर लोगों का मानना है कि इस घटना को लारेंस बिश्नोई ने अंजाम दिया है और वजह सलमान खान से उनकी दोस्ती थी। अब पूरे घटनाक्रम सच्चाई क्या है, इस पर प्रशासनिक मुहर नहीं लगी लेकिन यदि यह मान लिया जाए कि इस घटना को लारेंस बिश्नोई ने अंजाम दिया तो भी यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है। इसके अलावा इससे एक सबसे बड़ा नुकसान यह भी हो रहा है, कुछ युवा व छोटे-मोटे गैंगस्टर व गुंडे वे सभी लॉरेंस बिश्नोई को अपना आइडियल मान रहे हैं। इसके पीछे की वजह है कि इस घटना के बाद बहुत सारे लोग सोशल मीडिया पर लारेंस की प्रशंसा कर रहे हैं और युवा उसका समर्थन कर रहे हैं जो किसी भी नजरिये से सही नहीं माना जा सकता।

हम इस लेख के माध्यम से युवाओं से अपील करते हैं कि इस तरह के खूनी खेल खेलने वालों को अपना आइडियल बिल्कुल भी न मानें। दरअसल मामला यह है कि एक गैंगस्टर ने पूरे देश में खुलेआम आतंक फैला रखा है, जिसको हमारा शासन-प्रशासन रोकने में पूर्ण रूप से विफल नजर आ रहा है, जिससे गलत विचारों के लोगों के यह लग रहा है कि जो गैंगस्टर जेल में हैं, वे इतनी आसानी से अपना नेटवर्क चला रहा है और यह सब आसानी से हो रहा है। चैनल, अखबारों व सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि उसके 6 देश व भारत के 11 जिलों में 800 से ज्यादा गुर्गे सक्रिय हैं और कहीं भी किसी को भी मरवा सकता है। बताया यह भी जा रहा है कि गैंग के पास करोड़ों रुपये की रंगदारी आती है। इन सब बातों से एक वर्ग प्रभावित हो रहा है। ऐसे लोगों के प्रचार पर सरकार को रोक लगानी चाहिए चूंकि इससे केवल नकारात्मकता ही फैल रही है। इसके अलावा स्वयं भी ऐसे सोशल मीडिया यूजर्स को बचना चाहिए जो इस तरह की सामग्री परोस रहे हैं और लारेंस बिश्नोई जैसे अपराधी को ग्लैमराइज कर रहे हैं।

दरअसल मामला यह कि आजकल के युवाओं को इस तरह की चीज बहुत जल्दी प्रभावित करती है, क्योंकि ऐसे तत्व हैं, जो आसान राह पाकर अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं और जल्दी ही प्रसिद्धी भी। लेकिन उनको यह नहीं मालूम की इस राह में कितने कांटें हैं। न तो ऐसे लोगों का कोई जीवन होता और न ही घरवाले कभी सुरक्षित रह पाते हैं। यदि किसी को कॉपी करना है तो ऐसे लोगों को कॉपी करें, जो जिससे आपका भविष्य बनें। अपनी जिंदगी की कीमत समझें, क्योंकि यह मानव जीवन आसानी से नहीं मिलता। इसका हर पल व क्षण अपने भविष्य बनाने व परिवार का भविष्य संवारने में लगाएं। अपने परिवार को किसी मुसीबत में न डालें।

आजकल लोग सोशल मीडिया का प्रयोग अपने विचारों को रखने के लिए जमकर करते हैं, लेकिन अधिकतर लोग जो पोस्ट करते हैं, उसके सकारात्मक या नकारात्मक पहलू के विषय में नहीं सोचते। हम गुणवत्ता भरे खेल को अपनाएं तो ही वह जिंदगी को सही दिशा की ओर लेकर जाता है। यदि किसी का भी जिंदगी के प्रति आक्रोश किसी गलत दिशा की ओर चला जाता है तो वह मात्र उस तक ही सीमित नहीं रह जाता, उसके दुष्परिणाम उसके परिवार वालों को भी भुगतने पड़ते हैं। यदि आपकी गलत पोस्ट या गलत पोस्ट पर समर्थन करना किसी गैंगस्टर ने देख लिया तो वह निश्चित तौर पर आपका माइंड डाइवर्ट करके आपको जुर्म की दुनिया में ला सकता है।

यदि गौर किया जाए तो लॉरेंस बिश्नोई की गैंग में जितने भी लोग है उसमें अधिकतर 18 से 25 के हैं, चूंकि गैंगस्टरों को पता है कि इस उम्र में युवाओं को बहुत आसानी से फंसाया जा सकता है। इनके पास माइंड डाइवर्ट करने के पावर होती है, जिसका यह जमकर प्रयोग भी करते हैं। जांच में एनआईए ने खुद स्वीकारा है कि यह गैंग सोशल मीडिया के जरिये अपने गैंग में भर्ती करते हैं। एनआईए ने यह भी बताया कि जो लोग गलत तरह या इनके समर्थन की पोस्ट करते हैं वह उनको शॉर्टलिस्ट कर लेते हैं और उसके बाद उनका इतिहास, भूगोल व उनकी रुचि देखकर उनसे संपर्क करते हैं। उसे बरगलाकर भाड़े का हत्यारा बना देते हैं। गरीब घरों के बच्चों को ज्यादा तरजीह दी जाती है। जो उनके काम का होता है उसको शामिल कर लेते हैं। जैसा कि यह गैंग टारगेट किलिंग के लिए शूटरों की भर्ती करता है, जो सिर्फ उसके एक बार ही काम आते हैं। इसलिए इस तरह सोशल मीडिया पर कभी गलत पोस्ट न करें और न ही समर्थन करें। चूंकि इस खेल में कोई किसी का सगा नहीं होता, यदि आप उनके काम के नहीं तो गलत लोग आपको निपटा देंगे। गैंगस्टरों की जिंदगी में किसी भी प्रकार की खुशी नहीं होती क्योंकि या तो वे आपसी रंजिश या पुलिस द्वारा एंकाउंटर में मारे जाते हैं या फिर पकडे जाने पर पूरी जिंदगी जेल में सड़ते हैं। ऐसी दौलत व शोहरत का क्या फायदा जिसको आप भोग ही न पाओ। पकड़े जाने पर कोई काम नहीं आता। वह भी नहीं, जिसे आपने आदर्श मान लिया था।

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