Tuesday, March 24, 2026
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वोट डालने को लेकर युवाओं में दिखा जोश

  • कहा-देश का भविष्य जनता पर निर्भर, विकास के नाम पर डाले वोट

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: शुक्रवार को क्षेत्र मेें हुए मतदान में युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। युवा पीढ़ी में सही नेता और बेहतर सरकार चुनने की ललक दिखाई दी। इसके अलावा पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। आलम यह रहा कि बूथों पर लंबी लाइन में घंटों खड़े होने के बाद भी युवा वर्ग वोट डाले बिना नहीं हटा। सरधना में सुबह सात बजे से बूथों पर मतदान शुरू हो गया था। सुबह से ही वोट डालने के लिए मतदाताओं की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी और यह लाइन शाम को छह बजे तक नहीं छटी।

मतदान के दौरान बूथों पर वोट डालने के लिए लगी कतार में युवाओं की संख्या काफी अधिक दिखाई दी। युवाओं में वोट डालने के लिए खासा उत्साह देखा गया। इनमें अधिकतर युवा पहली बार वोट डालने पहुंचें तो उनसे बात करने पर सभी ने अपने विचार रखते हुए सही नेता चुनने की बात कही। वोट डालने पहुंचे अदनान अली का कहना था कि वह पहली बार वोट डालने आए हैं। वोट डालने के लिए वह घंटों लाइन में लगना पड़ा, लेकिन बेहतर सरकार बनाने के लिए वोट डालाना जरूरी है।

मीनाक्षी का कहना कि सभी को अपने मत का प्रयोग करना चाहिए और वोट ऐसे नेता को करें जो क्षेत्र में विकास कराए। वोट डालकर ही क्षेत्र में बेहतर लीडर और देश हित में कार्य करने वाली सरकार बनाई जा सकती है। अंजलि का कहना है कि पहली बार वोट डालकर बहुत अच्छा लगा और उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्हेंने देश को सही नेता देने में भाग लिया। सभी को बेहतर सरकार बनाने में भागेदारी निभानी चाहिए। देश का भविष्य बनाने में जनता का अहम रोल होता है। उन्होंने अपने साथियों को भी वोट डालने के लिए जागरुक किया। अन्य युवा वोटरों में भी अच्छी सरकार बनाने का यही उत्साह देखा गया।

दिनभर अलर्ट रहा स्वास्थ्य विभाग

मेरठ: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को यहां सरधना और हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना होने पर घायलों को समय से उपचार देने के लिए दिनभर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहा। जिला अस्पताल में दिनभर दो-दो अतिरिक्त चिकित्सक व अन्य स्टाफ तैनात रहा। इसके लिए 38 एम्बुलेंस भी पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहीं। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने पर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ ने राहत की सांस ली।

शुक्रवार को मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सरधना विधानसभा क्षेत्र के गांवों और कस्बों में मतदान हुआ। इसी तरह बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान हुआ। मतदान के दौरान कोई भी अप्रिय घटना होने पर घायलों या बीमार व्यक्ति को तुरंत उपचार दिलाने के लिए उक्त क्षेत्र की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी। इसके अलावा चार वेंटीलेटर लगी एम्बुलेंस और 36 अन्य एम्बुलेंस को तैनात किया गया था।

सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया था। उधर, जिला असपताल की इमरजेंसी विभाग में दो-दो अतिरिक्त चिकित्सकों, एक-एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। यहां चार एम्बुलेंस को तैनात किया गया था। देर शाम तक कहीं से कोई अप्रिय घटना न होने पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

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बसों के सफर पर भी पड़ा इलेक्शन का साया

जनपद की दो विधानसभा सरधना और हस्तिनापुर में शुक्रवार को हुए मतदान के कारण सिटी बसों में अपेक्षा से काफी कम यात्री देखे गए। सीएजी बसों का संचालन भी स्टाफ की कमी के कारण आधा रह गया। इसके अलावा मेरठ डिपो की बसों का संचालन भी स्टाफ के अवकाश पर होने के कारण कम ही हो सका है। महानगर सेवा के अंतर्गत सरधना और जम्बूदीप समेत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक के साथ-साथ सीएनजी बसों को भी संचालित किया जाता है। शुक्रवार को पहले चरण के दौरान मुजफ्फरनगर लोकसभा अंतर्गत आने वाली मेरठ जनपद की सरधना विधानसभा और बिजनौर लोकसभा के अंतर्गत आने वाली हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान हुआ।

दोनों विधानसभा क्षेत्र में होने वाले मतदान का सीधा असर महानगर बस सेवा पर देखने को मिला। हालांकि 50 में से 46 इलेक्ट्रिक बसों को रोजाना की भांति संचालित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सरधना और जम्बूदीप क्षेत्र समेत देहात के विभिन्न मार्गों पर सवारियों का अभाव देखा गया। जिसको देखते हुए बसों को 15 मिनट के बजाय 20-25 मिनट तक के अंतराल पर चलाया गया। इसके बावजूद लोड फैक्टर सामान्य दिनों की अपेक्षा एक तिहाई तक कम देखने को मिला। एआरएम संचालन विपिन सक्सेना का कहना है कि इन दिनों बसों की चेकिंग का अभियान बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। जिसका परिणाम यह रहा है कि बसों में लोड फैक्टर 100 प्रतिशत तक रहा है,

लेकिन शुक्रवार को मतदान के कारण इसमें काफी कमी महसूस की गई है। उनका अनुमान है कि इनमें 35 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। सीएनजी बस सेवा का प्रभार देख रहे सचिन सक्सेना के अनुसार 96 बसों के स्थान पर शुक्रवार को करीब 50 बसें ही मार्गों पर भेजी जा सकी। इसका प्रमुख कारण सरधना और हस्तिनापुर क्षेत्र में मतदान होने के कारण स्टाफ का अवकाश लेना रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि लोड फैक्टर भी 50 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, एआरएम मेरठ डिपो समीना अंजुम ने भी मतदान वाले क्षेत्रों में स्टाफ की कमी के चलते बसों का संचालन कम होने और अपेक्षाकृत यात्री बहुत कम निकल पाने की बात कही है।

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