- रुड़की रोड सोफीपुर के समीप हुआ हादसा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लालकुर्ती थाना क्षेत्र रुड़की रोड पर सोफीपुर के समीप शुक्रवार देर रात कांवड़ियों से भरी पिकअप व ब्रेजा गाड़ी में आने सामने की भिडंÞत के परिणाम स्वरूप आठ कांवड़ियों समेत ब्रेज में सवार दंपत्ति घायल हो गए। घायलों में ब्रेजा सवार दंपत्ति की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गयी। राह चलते लोगों व रैपिड प्रोजेक्ट पर काम कर रहे स्टॉफ ने डायल 112 पर सूचना दी तो लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंच गयी। हाथरस के शादाबाद निवासी करीब दर्जन भर कांवड़िये पिकअप से कांवड़ लाने को हरिद्वार जा रहे थे। गाड़ी पर डीजे लगा हुआ था।
उस पर संगीत चल रहा था। डीजी के पीछे गाड़ी पर ऊंचाई पर तख्त डाला हुआ था, उस पर कांवड़िये बैठे हुए थे। खाना पीना चल रहा था। सोफीपुर मोड़ पर मोदीपुरम की ओर से एक ब्रेजा कार आ रही थी। इसमें समर गार्डन निवासी दंपत्ति सवार थे। मोड़ के पास दोनों गाड़ियों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गयी। छत पर बैठे कांवड़िये टक्कर लगते ही सड़क पर नीचे आ गिरे, जबकि ब्रेजा के बैलून खुल गए, उसके बाद भी अगली सीट पर बैठे दंपत्ति बुरी तरह जख्मी हो गए। महिला का चेहरा खून भर गया।
मौके पर पहुंची इंस्पेक्टर लालकुर्ती इंदू वर्मा ने पहुंचकर मदद की। इस बीच ब्रेजा सवार घायलों के परिजन वहां पहुंच गए। उन्हें गाड़ी में डालकर ले गए। जबकि घायल कांवड़ियों को मोदीपुरम स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों गाड़ियां थाने पहुंचा दीं। गाड़ी सीज करने पर कांवड़िये पुलिस वालों से भिड़ गए, लेकिन बाद में समझाने पर वो मान गए। उन्होंने वहीं रास्ते में डिवाइडर पर गद्दे डाल दिए और बताया कि दूसरी गाड़ी मंगाई है। उसमें सामान रखकर आगे जाएंगे।
विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगाना पड़ेगा महंगा
मोदीपुरम: विंडस्क्रीन पर बिना फास्टैग लगाए यात्रा करना अब वाहन चालकों को भारी पड़ेगा। उन्हें अब दोगुना राशि का भुगतान करना पड़ेगा। नियमों को न मानने पर ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई भी की जा सकती है। सिवाया टोल प्लाजा के प्रबंधक अनुज सोम ने जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएआई ने नियमों में परिवर्तन किया है। उन्होंने बताया कि जिन गाड़ियों की विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगा होगा उनका फास्टैग रिजेक्ट माना जायेगा। जिस कारण ऐसे वाहन चालकों को टोल की धनराशि से दोगुना शुल्क देना पड़ेगा।
नियम के अनुसार विंडस्क्रीन पर फास्टैग लगाना अनिवार्य है। उन्होंने एनएचएआई के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि वे तमाम वाहन जिनके विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगा होगा उसे वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) के साथ टोल प्लाजा पर सीसीटीवी के जरिए रिकॉर्ड किया जाएगा। सीसीटीवी फूटेज सबूत के रूप में कार्य करेगा। वाहन पर मानक प्रक्रिया के अनुसार फास्टैग नहीं लगे होने पर इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) से लेन-देन नहीं हो पाता। ऐसे वाहन मालिकों को दोगुना टोल टैक्स देना होगा।अगर वाहन मालिक नहीं माने तो उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।

