- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता पर विशेष ध्यान के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत आयोजित जिला स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि यह योजना केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसलिए इसको प्राथमिकता पर लेकर कार्य कराये जाये। कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस अवसर पर 100.89 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये।
बैठक में विद्युत विभाग के 45.30 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। जिसमें स्मार्ट मीटर व एबीसी केबिल आदि के प्रस्ताव है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के 7.85 करोड़ रुपये, बेसिक शिक्षा विभाग के 24.46 करोड़ रुपये, जल निगम के 18.20 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग के 3.41 करोड़ रुपये तथा व्यवसायिक शिक्षा के 1.67 करोड़ रुपये के प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत किये गये।
स्वास्थ्य विभाग के स्वीकृत प्रस्तावों में स्वास्थ्य उपकेन्द्र कॉल, अनूपनगर फाजलपुर, डुंगरावाली, बराल परतापुर, कांशी, शोभापुर आदि के निर्माण व उपकेन्द्र जाहिदपुर को अर्बन पीएसी के रूप में उच्चीकरण करने का कार्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र माछरा में आश्रय स्थल बनाने सहित विभिन्न प्रस्ताव स्वीकृत हुये।
वहीं, व्यवसायिक शिक्षा में आईटीआई सरधना, जल निगम के प्रस्तावों में विभिन्न पाइप वाटर सप्लाई के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये, बेसिक शिक्षा विभाग में स्मार्ट क्लास आदि के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल, सीएमओ डा. अखिलेश मोहन, जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मौ. तारिक, मेरठ दक्षिण विधायक प्रतिनिधि राजकुमार मांगलिक सहित सभी खंड विकास अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या समय से मिल रही है पेंशन?
नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरु प्रसाद ने आज विकासखंड मेरठ का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी ने वहां उपस्थिति पंजिका को चेक किया तथा पेंशन शिविर में लाभार्थियों के पंजीयन की स्थिति जानी। कहा कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के कार्यों को त्रुटिविहीन ढ़ग से करने के लिए उच्चाधिकारी समय समय पर निरीक्षण व सत्यापन करें।
निरीक्षण के दौरान जनपद के नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरु प्रसाद के संज्ञान में आया कि ब्लॉक मेरठ में 21 पंचायतें व 10 सचिव है, 29 सफाई कर्मचारी है तथा बुधवार को आयोजित पेंशन पंजीयन शिविर में 162 लोगों ने आवेदन किये। नोडल अधिकारी ने किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा पूर्व में किये गये निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी। उनके संज्ञान में आया कि मनरेगा योजनान्तर्गत अकुशल श्रमिकों को रुपये 1.21 करोड़ का भुगतान किया गया है।
नोडल अधिकारी ने ब्लॉक में अच्छी सफाई व्यवस्था कराने तथा सरकारी योजनाओ का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के लिए निर्देशित किया। उन्होने आगामी 25 दिसंबर को ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले सुशासन दिवस की तैयारियों की जानकारी भी ली। आबकारी आयुक्त ने आज थाना सदर का निरीक्षण किया।
उन्होंने महिला हेल्पडेस्क के निरीक्षण के दौरान मिशन कम्पाउंड निवासी एक महिला शिकायतकर्ता से निस्तारण की गुणवत्ता के संबंध में मोबाइल पर जानकारी ली, जिसमें उन्हें अच्छा फीडबैक मिला। नोडल अधिकारी ने महिला हेल्पडेस्क के निरीक्षण के दौरान महिला पुलिसकर्मी से पूछा कि पहले और अब में क्या फर्क है, तब महिला सिपाही ने कहा कि अब महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
नोडल अधिकारी के कहने पर महिला सिपाही ने मिशन कम्पाउंड की शिकायतकर्ता महिला से पहले स्वयं मोबाइल पर वार्ता की व बाद में नोडल अधिकारी ने निस्तारण की गुणवत्ता के संबंध में शिकायतकर्ता महिला से फोन पर वार्ता कर पूछा कि यहां के लोगों का व्यवहार आपको कैसा लगा तथा आप निस्तारण से संतुष्ट है अथवा नहीं, जिस पर उन्हें अच्छा फीडबैक मिला।
भू-माफियाओं पर करें कड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माणों को कराएं ध्वस्त
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के नियंत्रणाधीन अभिकरणों की आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखकर कार्य करें तथा जो भी ध्वस्तीकरण के आदेश आपके स्तर से दिये जाते हैं, वह कागजों तक ही सीमित न रहे वास्तविक ध्वस्तीकरण हो यह भी सुनिश्चित करे।
आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने भू-माफियाओं द्वारा कराये गये अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण करने, निर्माण कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापरक ढंग से कराने, आईटी व डिजीटाइजेशन का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए कहा। कहा कि एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सके।
उन्होंने बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण (बीबीकेडीए) के कार्यों पर अपना असंतोश व्यक्त किया तथा कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए कहा। उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी सीलिंग की कार्रवाई की जाती है। उसमें यह सुनिश्चित करें कि सीलिंग उपरान्त निर्माण कार्य न हो। आयुक्त ने कहा कि भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करें तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर जोर दें।
एक मुश्त समाधान योजना में योजना 2020 में 20 दिसंबर 2020 तक मंडल के सभी प्राधिकरणों जिसमें मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, हापुड़-पिलखुआ विकास प्राधिकरण, बुलंदशहर व खुर्जा विकास प्राधिकरण तथा बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण आते हैं, में 3592 आवेदन प्राप्त हुये। जिसमें से 2882 निस्तारित कर दिये गये।
मंडल के प्राधिकरणों द्वारा एक अप्रैल 2020 से 20 दिसम्बर 2020 तक 243 अवैध निर्माणों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इस अवसर पर लैंड बैंक, अमृत योजना के अंतर्गत तैयार की जा रही जीआईएस आधारित महायोजना, अभिकरणों द्वारा आईटी क्षेत्र में किये गये कार्य, प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए किये गये कार्य, अलोकप्रिय संपत्ति के निस्तारण के संबंध में की गयी कार्रवाई।
अभिकरण की अन्य परियोजनाओं की प्रगति सहित कुल 12 बिंदुओं पर समीक्षा की गयी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मेरठ विकास प्राधिकरण मृदुल चैधरी, एचपीडीए अर्चना वर्मा, जीडीए कंचन वर्मा, बीडीए व केडीए शफक्कत कमाल, अपर आयुक्त रजनीश राय, सचिव एमडीए प्रवीणा अग्रवाल, उप आवास आयुक्त मेरठ शेरी, सहायक अभियंता बीबीकेडीए अरविंद शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

