Saturday, March 28, 2026
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सातवें दिन 11 उम्मीदवारों ने दाखिल किया पर्चा

  • भाजपा के अमित, सोमेंद्र, सत्यवीर व बसपा के कुंवर दिलशाद
  • संजीव धामा और कांग्रेस की बबीता गुर्जर ने किया नामांकन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश के विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिये नामांकन के सातवें दिन कचहरी में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं की भीड़ देखी गई। जबकि नामांकन स्थल पर कोविड-19 के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया और नामांकन कक्ष तक एक प्रत्याशी के साथ केवल दो लोगों को ही प्रवेश दिया गया। सातवें दिन गुरुवार को प्रमुख सियासी दलों के प्रत्याशियों ने अपने नामांकन परचे दाखिल किये।

इनमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सोमेंद्र तोमर ने मेरठ दक्षिण से, सत्यवीर त्यागी ने किठौर विधानसभा सीट से एवं अमित अग्रवाल ने कैंट सीट से विधानसभा के चुनावी मैदान में उतरने के लिये नामांकन दाखिल किया। बसपा के प्रत्याशी दिलशाद अली ने मेरठ दक्षिण क्षेत्र से, संजीव धामा ने सरधना सीट से नामांकन किया। जबकि सिवालखास सीट से सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद एवं इसी सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप त्यागी ने नामांकन किया।

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इसी क्रम में कांग्रेस की महिला प्रत्याशी बबीता गुर्जर ने किठौर क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। उधर, सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी पीछे नहीं रही एआईएमआईएम के प्रत्याशी तसलीम अहमद ने किठौर विधानसभा सीट से और इमरान अंसारी ने शहर सीट से चुनाव के लिये नामांकन किया। इसके अतिरिक्त अन्य प्रत्याशियों ने भी अपने नामांकन पर्चे दाखिल किये।

नामांकन के दौरान सातवें दिन और दिनों के मुकाबले कचहरी में रौनक रही और विभिन्न दलों के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के सात यहां पहुंचे। जिन्हें निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के मुताबिक नामांकन स्थल से 100 मीटर की दूरी पर ही पुलिस कर्मियों ने रोक लिया केवल दो लोग ही प्रत्याशियों के साथ नामांकन कक्ष तक जा सके।

नामांकन के बाद प्रत्याशी मीडिया से भी रूबरू हुए और अपनी पार्टी की नीतियों एवं उद्देश्य के बारे में बताया। सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद, भाजपा के प्रत्याशी सोमेंद्र तोमर, सत्यवीर त्यागी एवं अमित अग्रवाल, बसपा के प्रत्याशी दिलशाद एवं संजीव धामा,कांग्रेस की उम्मीदवार बबीता गुर्जर, आम आदमी पार्टी के कुलदीप त्यागी ने मु्ददों के बारे में बात की।

आज शहर सीट से सपा के वर्तमान विधायक रफीक अंसारी, आदिल चौधरी मेरठ दक्षिण क्षेत्र से, भाजपा के मौजूदा विधायक संगीत सोम सरधना सीट से एवं कांग्रेस के प्रत्याशी एवं नगर निगम के उपाध्यक्ष रंजन शर्मा चुनाव के लिये अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके अलावा अन्य प्रत्याशी भी नामांकन करेंगे।

डैमेज को कंट्रोल के लिए उतारी लाल टोपी

सिवालखास विधानसभा सीट पर सपा के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद को रालोद से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद विरोध की चिगांरी भड़क गई है। इससे हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए रालोद हाईकमान से लेकर स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी एक बानगी गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान दिखाई भी दी। कलक्ट्रेट में पर्चा जमा करने पहुंचे गुलाम मोहम्मद ने सपा की लाल टोपी उताकर रालोद के रंग और चुनाव चिह्न वाली टोपी पहनी थी। सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी होने के बावजूद उनके गले में केवल रालोद का गमछा ही था और वह पूरी तरह रालोद के रंग में रंगे हुए थे। इस दौरान उन्होंने नाराज मतदाताओं के बीच यह संदेश देने की कोशिश की, कि वह पूरी तरह रालोद के हैं। पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने 13 महीने के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए आपसी भाईचारे और समाज में सौहार्द बनने की बात कही।

कांग्रेस प्रत्याशी ने मुकाबले को बनाया त्रिकोणीय

शहर सीट पर गुरुवार को कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी का नाम सामने आने के बाद से एक बार फिर दिलचस्प स्थिति बन गई है। यहां इस सीट पर जहां कमलदत्त शर्मा का नाम सामने आने के बाद भाजपा जंग में आगे थी। वहीं, अब कांग्रेस की ओर से रंजन शर्मा की घोषणा के बाद यहां मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

शहर विधानसभा की बात करें तो यहां गुरुवार को सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो गई है। अभी तक यहां कांग्रेस की ओर से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया था। गुरुवार को कांग्रेस ने भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी। अभी तक यहां शहर सीट पर बसपा की ओर से दिलशाद शौकत, भाजपा की ओर से कमलदत्त शर्मा और सपा की ओर से रफीक अंसारी को प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन यहां पर कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार का नाम साफ नहीं था। अब यहां कांग्रेस की ओर से रंजन शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है।

रंजन शर्मा नगर निगम में डिप्टी मेयर भी हैं और पुराने कांग्रेसी हैं। मेरठ शहर विधानसभा सीट के इतिहास की बात करें तो यहां पर 1989 से लगातार लक्ष्मीकांत वाजपेयी ही भाजपा के प्रत्याशी बनते रहे हैं। वे भाजपा के टिकट पर 1989, 1996, 2002 और 2012 में जीतकर आये हैं। यहां रफीक अंसारी 2012 में वाजपेयी से महज 6278 वोट से हारे थे। जबकि 2017 में उन्होंने कुल मत 1,03,217 वोट प्राप्त कर 28769 मतों से वाजपेयी को हराया था।

शहर सीट पर कुल मतदाताओं की बात की जाये तो यहां कुल मतदाताओं की संख्या 3,11,727 है। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,69,259 है और महिला मतदाताओं की संख्या 1,42,445 है। यहां शहर सीट पर मुस्लिम वोटर सबसे अधिक मायने रखता है। यहां मुस्लिम वोट की बात की जाये तो वह एक लाख से भी अधिक संख्या में और इसके साथ ही ओबीसी और पिछड़ी जाति के वोट सपा पर एक तरफा जा सकते हैं।

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