Monday, March 16, 2026
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एक माह में दो करोड़ से अधिक की स्टांप चोरी के 45 मुकदमे दायर

  • वर्तमान वित्तीय वर्ष के चार माह में छह करोड़ 18 लाख रुपये के स्टाम्प चोरी से जुड़े 171 मुकदमे कोर्ट में दाखिल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: अधिकारियों की तमाम सतर्कता के बावजूद स्टांप चोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अकेले जुलाई माह की अगर बात की जाए, तो मेरठ जनपद में 45 मुकदमे दायर किए गए हैं। जिनमें दो करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप चोरी के मामले प्रकाश में आए हैं। सहायक आयुक्त स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023 24 के पहले चार महीनों में एक अप्रैल से जुलाई के अंत तक स्टांप चोरी के 171 मामले डीएम, एडीएम फाइनेंस और उनके (सहायक आयुक्त स्टांप) कोर्ट में दायर किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में 39 वाद तीनों न्यायालय में दर्ज किए गए। जिनमें सबसे बड़ा मामला एक करोड़ 72 लाख का मवाना रोड स्थित रक्षापुरम कालोनी का सामने आया है। इसमें कॉलोनी काटने के बावजूद भूमि का बैनामा कृषि भूमि बताकर कराया गया है। जबकि मौके पर कॉलोनी के लिए प्लाटिंग पाई गई है। मई 2023 में स्टांप चोरी के 44 मुकदमा दायर किए गए, जिनमें सबसे बड़ा प्रकरण मवाना क्षेत्र से 18.45 की कर चोरी का सामने आया है।

09 10

जून 2023 में 16.44 लाख के स्टाफ की चोरी का मामला सरधना तहसील के निकट का सामने आया। जिसमें खेती में बैनामा करने के बावजूद कालोनी बनाकर प्लाटिंग की गई है। जून माह में स्टांप चोरी के 43 वाद विभिन्न कोर्ट में दायर किए गए हैं। जुलाई माह में दो करोड़ से अधिक के 45 वाद दायर किये गए हैं। महानगर क्षेत्र के पठानपुरा का कृषि भूमि में बैनामा और मौके पर प्लाटिंग मिलने के कारण 12.20 लाख रुपये की स्टांप चोरी का मामला दर्ज किया गया है।

ऐसे निगरानी करता है विभाग

सहायक आयुक्त स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यालय स्तर से स्टांप की निगरानी को लेकर मासिक स्तर पर एक नियम बनाया हुआ है। जिसके अनुसार महानगर स्तर के सब रजिस्ट्रार माह में 20, तहसील स्तर के सब रजिस्ट्रार 10, सहायक आयुक्त स्टांप 50, एडीएम फाइनेंस 36 और डीएम कम से कम पांच बैनामों का सत्यापन करेंगे।

इनको सत्यापित करने के उपरांत पोर्टल पर रिपोर्ट भी अपलोड करना होता है। जिन मामलों में स्टांप चोरी की बात सामने आती है, उनको संबंधित कोर्ट के लिए आवंटित करने का काम डीएम स्तर से किया जाता है। इसमें संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। उपरोक्त तीनों कोर्ट से निस्तारित मामलों में डीआईजी स्टांप के यहां अपील की जा सकती है।

जुलाई में 27 लाख स्टांप चोरी के 58 मामले निस्तारित

सहायक आयुक्त स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जुलाई माह में उनके कोर्ट से 24, एडीएम फाइनेंस कोर्ट से 29 और डीएम कोर्ट से पांच मुकदमों का निस्तारण किया गया है। उनके स्तर से निष्पादित किए गए मामलों में 27 लाख की स्टांप चोरी के मामले पाए गए हैं।

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