Wednesday, March 25, 2026
- Advertisement -

फर्जी स्टांप के बावजूद खारिज नहीं होंगे 997 बैनामे

  • निबंधन कार्यालय की परिभाषा में शून्य स्टांप पर रजिस्ट्री का बनता है मामला
  • निरस्त करने का अधिकार सिर्फ कोर्ट को

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सात करोड़ से अधिक के स्टांप घोटाले के दौरान अभी तक प्रकाश में आए 997 मामलों में रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से नोटिस जारी करके निर्धारित मूल्य के स्टांप और 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज वसूलने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी काम पुलिस या उस एजेंसी का होगा, जिसे शासन-प्रशासन की ओर से जांच का काम सौंपा जाएगा। विभाग की परिभाषा में स्टांफ फर्जी होने के बावजूद इन्हें रजिस्ट्री में शून्य या कम मूल्य के स्टांप लगाने का प्रकरण माना जाएगा। कोई भी रजिस्ट्री वैध-अवैध घोषित करने या निरस्त करने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास रह जाता है।

इन दिनों जनपद में बिना ट्रेजरी से खरीदे गए स्टांप लगाकर रजिस्ट्री कराने के 997 मामले पकड़े जाने का प्रकरण चर्चाओं में है। बीते वर्ष अगस्त माह में फर्जी स्टांप का एक प्रकरण सामने आने के बाद प्रदेश स्तर से जारी किए गए आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी स्तर से बीते तीन वर्षों में किए गए सभी बैनामों में पांच हजार से अधिक के स्टांप लगाए जाने के मामलों की व्यापक स्तर पर छानबीन कराई गई है। जिसके आधार पर उप निबंधक सदर द्वितीय कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार की ओर से सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मैसर्स पर्व एसोसिएट्स, देव एसोसिएट्स और वासु एसोसिएट्स आदि को नामजद किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 997 अभिलेखों में सात करोड़ 31 लाख 45 हजार हजार रुपये के घोटाले की बात जांच में सामने आई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व के स्तर से संपत्ति की खरीद करने वाली कंपनियों से स्टांप ड्यूटी पर 18 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना वसूल करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इस पूरे प्रकरण में दोषी तक पहुंचने में जांच एंजेसी अपना काम कर रही है। जबकि क्रेता कितने दोषी हैं और फर्जी स्टांप पर किए गए बैनामे वैध कैसे हैं, इस पर बहस चल रही है। जानकार अधिवक्ताओं की राय है कि स्टांप क्रेता के नाम से ही खरीदे जाते हैं। अगर सही स्टांप नहीं लगे, तो इसके लिए प्रथम दृष्टया उसी को दोषी माना जाएगा।

अगर उसने किसी को आॅनलाइन रुपये भेजकर स्टांप मंगाए हैं, तो यह सब जांच का विषय जरूर हो सकता है। वहीं, रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्टर्ड हो चुके बैनामे को अवैध मानकर खारिज करने का अधिकार विभाग के पास नहीं रह जाता है। अधिवक्ताओं का साफ कहना है कि किसी भी बैनामे को अवैध घोषित करने का अधिकार सिर्फ सक्षम कोर्ट के पास होता है। अधिकारियों के स्तर से सिर्फ स्टांप चोरी करने का मामला बनाया जा सकता है। जिसमें पूरे स्टांप लगाने, पैनाल्टी लगाने जैसे अधिकार उनके पास होते हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में नरमी, सोना ₹2,360 और चांदी ₹9,050 तक टूटी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव...

Delhi Budget 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया ‘हरित बजट’, विकास और पर्यावरण में संतुलन पर जोर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार...

Share Market: शेयर बाजार में तेजी का रंग, सेंसेक्स 1,516 अंक उछला, निफ्टी 22,899 पार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को...

LPG Rate Today: एलपीजी सिलिंडर के आज के रेट, सप्लाई संकट के बीच क्या बढ़ेंगे दाम?

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: देशभर में घरेलू और कमर्शियल...

Delhi Bomb Threat: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को बम धमकी, CM और केंद्रीय नेताओं के नाम भी शामिल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता...
spot_imgspot_img