- होली पर ठेके बंद होने तक खूब बिकी देशी-विदेशी शराब
जनवाणी संवाददाता |
शामली: रंगों के त्योहार होली पर अबकी बार कोरोना महामारी का साया न होने का असर जनपद में शराब की बिक्री पर भी देखने को मिला। वर्ष 2020 और 2021 में जहां कोरोना के खौफ के चलते चार यार होली पर एक साथ बैठ नहीं पाए थे, वहीं अबकी बार वे साथ भी बैठे, और पीने वाले शौकीनों के तो जाम भी खूब ठकराए। इसलिए जनपद में अबकी बार शराब की बिक्री 30 फीसदी से भी अधिक बढ़ गई।
होली के त्योहार का अपना पौराणिक महत्व है। देश के विभिन्न प्रांतों में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार पर लोग आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंगों से रंगकर आपसी प्यार और सौहार्द का संदेश देते थे हैं। लेकिन पिछले दो-तीन दशकों से होली का स्वरूप भी बदल गया है।
दुल्हैंडी के दिन तो प्रमुखत: लोग शराब पीने का बहाना ढूंढ लेते हैं। इसलिए होली पर पीने के नए-नए शौकीन भी पैदा हो जाते हैं जिससे शराब की बिक्री भी बढ़ जाती है लेकिन वर्ष 2020 और 2021 के होली के त्योहारों पर कोरोना महामारी का साया रहा था। इसलिए होली पर पीने और पिलाने की बात तो छोड़िए लोग एक दूसरे को गले मिलकर शुभकामनाएं देने भी डरे थे।
लेकिन 18 मार्च को जनपद भर में होली कोरोना के खौफ के बिना धूमधाम से बनाई गई। इसलिए शराब पीने वाले शौकीनों को भ दो साल बाद होली पर अच्छा बहाना बिल गया। यही कारण रहा कि उनके जाम भी खूब टकराए। इसके लिए दुल्हैंडी से एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को सरकारी ठेके बंद होने तक खूब शराब खरीदी गई।
जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 और 2021 के होली के त्योहारों के मुकाबले इस बार जनपद में शराब की बिक्री 30 प्रतिशत से अधिक हुई है। इससे साफ है कि अबकी बार होली पर पीने वाले शौकीनों के जाम खूब टकराए।

