Friday, May 1, 2026
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लोग नहीं कर रहे ट्रैफिक नियमों का पालन

  • शमन शुल्क के रूप में 10625900 रुपये वसूल कर ट्रैफिक विभाग ने सरकार के कोष में जमा कराए
  • शहर क्षेत्र की आबादी लाखों में, वाहनों के चालान महज 48268

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था के प्रयाप्त सुधार के अभाव में जहां लोगों को रोज के जाम से जूझना पड़ रहा है। वहीं, लोगों द्वारा ट्रैफिक के नियमों का पालन न करने व ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते शहर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। लोगों का आर्थिक उत्पीड़न से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी मोबाइल से लोगों के आॅनलाइन चालान कर रहे हैं।

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जिससे आम जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। एक समय था जब मैनुअल चालान की व्यवस्था थी। यातायात पुलिस चालान काटकर चालान स्लिप वाहन चालकों को थमा दिया करती थी, लेकिन जब से हाइटेक का दौर आया तब से लोगों की जेब ढीली करने में आसानी हो गई। ट्रैफिक पुलिस यातायात नियंत्रण करने का प्रयास तो निरंतर कर रही है, लेकिन जनता की नजर में उसकी लापरवाही भी सामने आ रही है।

लोगों का कहना है कि पुलिस खड़ी गाड़ी का चालान नहीं कर सकती, बल्कि सड़क पर चलती गाड़ियों की चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन न करने पर चालान किया जा सकता है, लेकिन पुलिस खड़े वाहनों का चालान अतिक्रमण के नाम पर कर रही है। जिसका पिछले दिनों व्यापारी संगठन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए विरोध भी जताया था।

चार मुख्य चौराहों पर लगी ट्रैफिक की तीसरी आंख

शहर क्षेत्र का का यातायात नियंत्रण करने एवं व्यवस्था को कैमरे की नज़र से जोड़ने के लिये बेगमपुल, बच्चा पार्क, फुटबॉल चौक दिल्ली रोड, पुराना हापुड़ अड्डा पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए हैं। जिनके जरिए इन चौराहों का सारा यातायात कैमरों की नजर में रहता है। कोई अनहोनी होने पर ट्रैफिक पुलिस एवं अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचते हैं, लेकिन इन्हीं मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के नाम पर अधिकांश लोगों को सता रही है।

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इसके अलावा कुछ वाहन चालक पूरी तरह से ट्रैफिक नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण जागरूकता का अभाव है। जबकि इसके लिये सामाजिक संगठनों को जनता को जागरूक करने के लिये एक मुहिम चलानी चाहिए। दूसरा पुलिस को भी जनता के साथ मधुर व्यवहार करना चाहिए, ताकि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ सके। अधिकांश लोगों की यही शिकायत है कि कुछ पुलिस कर्मी चालान के नाम पर उनका आर्थिक शोषण करते हैं।

यातायात जाम से जनता त्रस्त

शहर क्षेत्र के अधिकांश मार्ग यातायात की अव्यवस्था से जाम में रहते हैं। रेलवे रोड चौराहा, घंटाघर, खैरनगर, बुढ़ाना गेट,गोला कुआं, पुल भुमिया आदि मार्ग ऐसे हैं जिन्हें जाम रोड कहा जाए। क्योंकि इन मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की प्रयाप्त व्यवस्था के अभाव में यह अव्यवस्था रहती है। जिस कारण यहां आये दिन के जाम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पुलिस द्वारा किये गए चालान और वसूला गया शमन शुल्क

ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात नियंत्रण एवं नियमों का पालन कराने के लिये शहर क्षेत्र में 2022 में कार, बाइक, स्कूटर आदि कुल 48268वाहनों के चालान किये और इसी अवधि में शमन शुल्क के रूप में वाहन चालकों से कुल 10625900 रुपये वसूल कर सरकार के कोष में जमा कराए। यह जानकारी देते हुए ट्रैफिक सीओ अमित राय ने बताया कि कोर्ट प्रेषित चालानों की संख्या 2022 में अब तक 49059 रही है।

जबकि 2021 में यह आंकड़ा 169748 रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियंत्रण करने एवं उसके नियमों का पालन कराने के लिये यातायात पुलिस को अधिकारियों द्वारा दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं। साथ ही जनता को भी मौखिक रूप से जागरूक किया जा रहा है।

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