जनवाणी ब्यूरो ।
यूपी: विवादास्पद बयानों और यूट्यूब पर एक धर्म विशेष को लेकर टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहे 54 वर्षीय सलीम वास्तिक को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। सलीम पर आरोप है कि उसने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर 31 साल पहले दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में फिरौती के लिए एक नाबालिग का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी।
खुद को किया मृत घोषित
इस मामले में वर्ष 1997 में अदालत ने सलीम खान उर्फ सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक और उसके साथी अनिल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, सजा के दौरान सलीम ने वर्ष 2000 में हाईकोर्ट से जमानत हासिल कर ली और फरार हो गया। इसके बाद उसने खुद को मृत घोषित कर दिया, पहचान बदल ली और लोनी में रहने लगा, जहां वह यूट्यूबर बन गया।
अपना जुर्म किया कबूल
पुलिस पूछताछ में सलीम ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। गौरतलब है कि 27 फरवरी 2026 को जीशान और गुलफाम नाम के दो युवकों ने उस पर चाकू से जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों हमलावरों को मुठभेड़ में मार गिराया।
जांच में सामने आया कि सलीम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के नानूपुरा गांव का रहने वाला है और 90 के दशक में काम की तलाश में दिल्ली आया था। वह दरियागंज स्थित रामजस स्कूल में मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक के रूप में काम करता था और साथ ही जैकेट सप्लाई का कारोबार भी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अनिल से हुई।
अनिल के कहने पर 20 जनवरी 1995 को सलीम ने गोकुलपुरी निवासी सीमेंट कारोबारी सीताराम के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया। संदीप उसी स्कूल में पढ़ता था जहां सलीम काम करता था। सलीम उसे रिक्शा से अपने कमरे पर ले गया, जहां दोनों आरोपियों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पास के नाले में फेंक दिया।
इसके बाद आरोपियों ने संदीप के पिता से 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस जांच में सलीम को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अनिल बाद में 4 फरवरी 1995 को सरेंडर कर दिया। अदालत ने 5 अगस्त 1997 को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

