- निर्माण के बाद आज तक नहीं किया गया इस्तेमाल
- 20 लाख रुपये से अधिक की लागत में हुआ था तैयार
- क्षतिग्रस्त पुराने भवन में किया जा रहा काम
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: कस्बे में किसान सेवा सहकारी समिति भवन आबाद होने का इंतजार देख रहा है। जुल्हैड़ा रोड पर एकांत में बने इस भवन का निर्माण 20 लाख रुपये से अधिक रकम में किया गया था। मगर अफसोस के आज तक इस भवन का इस्तेमाल नहीं हो सका। सहकारी समिति के अधिकारी क्षतिग्रस्त पुराने भवन में ही अपना काम चला रहे हैं। मगर नए भवन में जाना उन्हें गवारा नहीं है।
ऐसे में समिति के बजाय यह भवन असामाजिक का ठिकाना बना हुआ है। हालत यह है कि देखरेख के अभाव में भवन खंडहर में तब्दील होने लगा है। परिसर में झाड़-फूंस उग आए हैं। चोर खिड़Þकी दरवाजे उखाड़ कर ले गए हैं। अधिकारियों की मनमानी के चलते सरकार रूपी किसानों का पैसा बर्बाद होता नजर आ रहा है। यदि अधिकारी इस भवन में शिफ्ट हो जाएं तो उन्हें क्षतिग्रस्त भवन से निजात तो मिल ही जाएगा। साथ ही लाखों की लागत से बनाए गए इस भवन का सदुपयोग हो सकेगा।

सरकार भले ही किसानों के हित में कार्य करने और उनके लिए नई योजनाएं चलाकर मदद करने के ढोल बजा रही हो। मगर किसान और किसान से जुड़े विभाग उम्मीदों के साथ दम तोड़ रहे हैं। यह सब अधिकारियों की मनमानी या लापरवाही के चलते हो रहा है। सरधना में बिनौली रोड घनश्याम मंडी परिसर में किसान सेवा सहकारी समिति का दफ्तर है। यह भवन कई दशक पुराना होने के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
यहां बैठने में अधिकारियों के साथ किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। कारण है कि क्षतिग्रस्त होने के साथ ही जगह काफी कम है। इस समस्या को देखते हुए सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जुल्हैड़ा रोड पर सहकारी समिति के लिए नए भवन कर निर्माण कराया था। करीब पांच वर्ष पूर्व बने इस भवन के निर्माण में 20.67 लाख रुपये की लागत आई थी। भवन बनने के बाद समिति को हैंडओवर भी कर दिया गया। मगर आज तक समिति के पदाधिकारियों ने इस भवन में शिफ्ट होना गवारा नहीं समझा।

बस पुरानी आदतों के साथ क्षतिग्रस्त भवन में परेशानियों के साथ काम करने में लगे हुए हैं। अधिकारियों की मनमानी के चलते किसान इसी भवन में आने को मजबूर हैं। वहीं देखरेख के अभाव में नया भवन खंडहर में तब्दील होने लगा है। परिसर में झाड़-फूंस उग आई हैं। चोर भवन के खिड़की दरवाजे तक उखाड़ कर ले गए हैं। फिलहाल यह भवन चोर-बदमाशों की शरण गाह बना हुआ है। यदि अधिकारी इस भवन में शिफ्ट हो जाएं तो उन्हें परेशानियों से निजात तो मिल ही जाएगी। साथ ही इस भवन का सही उपयोग हो सकेगा। मगर अफसोस अधिकारी अपनी मनमानी चला रहे हैं।
भवन में हैं सभी सुविधाएं
पुराने क्षतिग्रस्त सहकारी समिति भवन में किसानों को बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। मगर नए भवन में 100 गज का गोदाम होने के अलावा किसानों के आराम करने के लिए आराम गृह भी है। इसके अलावा शौचालय, नल और वॉशरूम, पानी के लिए सबमर्सिबल आदि सुविधाओं से यह भवन लैस है। मगर इन्हें इस्तेमाल करने वाला नहीं है।

