Friday, May 1, 2026
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अतिक्रमण पर खानापूर्ति की कार्रवाई, सीएम के आदेश हवा में

  • सरधना में अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति
  • मुख्यमंत्री के आदेश का नहीं दिख रहा असर, अधिकारी खानापूर्ति करके वापस लौटे

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: कस्बे में मुख्यमंत्री के आदेश का कोई असर नजर नहीं आ रहा है। हालत यह है कि पूरे जिलेभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहे हैं। मगर सरधना में अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। बुधवार को कार्यवाहक ईओ दलबल लेकर सड़कों पर तो निकले। मगर खानापूर्ति करके वापस लौट आए। पालिका टीम एक र्इंट तक नहीं हटवा सकी। इसके पीछे ईओ का तर्क यह रहा है कि हिदायत दी जा रही है, जबकि एक सप्ताह से पालिका मुनादी करा रही है। ऐसे में मुनादी कराने का क्या फायदा। कुल मिलाकर पालिका प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आदेश का मखोल बनाकर रख दिया है।

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सरधना अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। नगर का कोई बाजार या सड़क अतिक्रमण से अछूती नहीं है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्त आदेश दिए थे। जिसका असर तमाम जिलों व कस्बों में देखने को मिल रहा है। मगर सरधना में सीएम के आदेश फाइलों में दबकर रह गए हैं। सीएम के आदेश के बाद से नगर में अभी तक कोई अभियान नहीं चला है।

करीब एक सप्ताह से मुनादी जरूर कराई जा रही है। जैसे तैसे कार्यवाहक ईओ महेश प्रसाद बुधवार को दलबल लेकर सड़कों पर उतरे। बिनौली रोड से अभियान शुरू किया गया। मगर अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक र्इंट तक नहीं हिलाई गई। एक राउंड लगाकर पालिका टीम वापस लौट आई।

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मतलब अतिक्रमण हटानेके नाम पर टीम खानापूर्ति करके वापस लौट आई। इसके पीछे ईओ का तर्क यह था कि लोगों ने स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया है। जिन्होंने अतिक्रमण कर रखा है, वह भी सामान हटा रहे हैं। इस कार्यशैली से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पालिका प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेश का कितना पालन कर रहा है।

मुनादी का कोई फायदा नहीं

नगर पालिका प्रशासन पिछले कई दिन से कस्बे में मुनादी करा रहा है कि सड़कों से अतिक्रमण हटा लें। वरना सामान जब्त करके सख्त कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को ईओ टीम के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए निकले। मगर अतिक्रमण के नाम पर एक र्इंट तक नहीं हटाई गई। अधिकारी का तर्क था कि हिदायत दी जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब हिदायत ही देनी थी तो इतने दिन से मुनादी कराने का क्या मतलब है।

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