आउट सोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल की धमकी से कैंट बोर्ड के अधिकारी घबरा गए थे। मंगलवार को आनन-फानन में विशेष बोर्ड बैठक बुलाई और आउट सोर्सिंग कर्मियों की वेतन का मुद्दा उठा। क्यों नहीं दिया गया वेतन? यही नहीं, बोर्ड बैठक पूरी तरह से पारदर्शित होती हैं, लेकिन बोर्ड बैठक में भी लुका-छुपी चली। दो बार मीडिया कर्मियों को बैठक से आउट कर दिया गया। लोकसभा और विधानसभा की कार्रवाई चलती रहती हैं, साथ ही मीडिया भी कवरेज करती हैं, लेकिन मीडिया को वहां से भी आउट नहीं किया जाता, लेकिन कैंट बोर्ड की स्पेशल बैठक से कैसे आउट कर दिया गया? आखिर मीडिया को आउट कर बैठक में क्या खेल चल रहा था, जो मीडिया से छुपाया गया? यह बड़ा सवाल है। ये कैसी पारदर्शिता? इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह का व्यवहार तो कहीं भी नहीं होता, फिर कैंट बोर्ड के शीर्ष अफसरों की मौजूदगी में आखिर ये चल क्या रहा था?
- आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के रुके वेतन के मुद्दे पर बुलाई गई थी विशेष बोर्ड बैठक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मंगलवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की रुकी वेतन के मुद्दे पर विशेष बोर्ड बैठक बुलाई गयी थी। क्योंकि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दे दी थी, जिसके बाद ही कैंट बोर्ड के अधिकारी घबरा गए, इसके बाद ही विशेष बोर्ड बैठक बुलाई गयी। बोर्ड बैठक बुलाने का मुद्दा भी ठेकेदार से आउट सोर्सिंग कर्मियों की वेतन दिलाने का मामला था।
ठेकेदार भी बोर्ड बैठक में बुलाये गए थे। वह आये और उनके आते ही मीडिया को बैठक से आउट कर दिया। आखिर क्या पर्देदारी की जा रही थी। ठेकेदार और कैंट बोर्ड की पहले वेतन को लेकर खासी किसकिरी हो रही हैं, अब फिर मीडिया से पर्देदारी कर क्या छुपाना चाहते हैं अधिकारी? यह बड़ा सवाल है। फिर कुछ देर बाद मीडिया को वापस बैठक में क्यों बुलाया गया? मीडिया के सामने दिखावा करते हुए ठेकेदार को हिदायत दी कि सफाई कर्मियों की वेतन समय से दे, अन्यथा जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।

ठेकेदार को फरवरी माह का भुगतान देने पर सहमति बनी, जिसके लिए उन्हें वेतन वितरण के लिए दो दिन का समय मिलेगा। इस प्रक्रिया के सुचारू होने के बाद ही आगे की भुगतान राशि कैंट बोर्ड आवंटित करेगा। ठेकेदार को ईपीएफ ईएसटी व जीएसटी के भुगतान के विषय मे शपथपत्र देना होगा और किसी भी शर्त के अनुपालन न किये जाने पर जमानत राशि जब्त किये जाने पर भी सहमति बनी।
…अब निशुल्क मिलेगा एटीएम से पानी
बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया के सभी वाटर एटीएम रिपेयर करवाकर उन्हें जनता के लिए निशुल्क चालू किया जाएगा। हालांकि इस बात पर भी मंथन हुआ के आज के परिवेश में आरओ वाटर की आवश्यकता भी है या नहीं। इससे पहले वाटर एटीएम से पैसे डालने के बाद ही पानी मिलता था। आगे फ्री पानी मुहैय्या कराया जाएगा।
क्या है आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का विवाद?
चार माह से आउटसोर्सिंग के 677 कर्मचारियों को वेतन नही मिल रहा है। ठेकेदार ने आउट सोर्सिंग कर्मियों का वेतन रोक रखा हैं, जिसके चलते सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। हड़ताल हो, उससे पहले ही बोर्ड बैठक बुलाकर उसमें ठेकेदार को तलब कर लिया। कर्मचारियों में कई मुद्दों को लेकर आक्रोश था और उनके इस मुद्दे के साथ कैंट बोर्ड कर्मचारी यूनियन अखिल भारतीय सफाई मजदूर भी मैदान में आ गयी थी।
कैंट बोर्ड में सफाई ठप्प होने व हड़ताल के आसार नजर आने लगे थे। इसके बाद ही सीईओ ज्योतिकुमार तथा बोर्ड अध्यक्ष ने बैठक बुलाई। इस प्रकरण पर कैंट बोर्ड के यूनियन अध्यक्ष भारत सिंह आजाद ने कहा कि वह केवल अपने कर्मचारियों का हित चाहते हैं, जिससे वो खुशी-खुशी जनहित में कैंट बोर्ड के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा के बोर्ड की कार्यवाही में भी कर्मचारी हित की बात हुई है।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
- बोर्ड बैठक में पेंशनर्स के डीए में वृद्धि के प्रस्ताव को पास किया गया, जिससे लगभग 500 पेंशनर्स को लाभ होगा। 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई।
- मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा के कार्यकाल को 6 माह आगे बढ़ाए जाने के रक्षा मंत्रालय के आदेश को भी बोर्ड के समक्ष रखा गया, जिसे स्वीकृत कर दिया गया।
- सेंट मैरिज स्कूल के द्वारा स्कूल में निर्माण के लिए भवन के नक्शे को स्वीकृत करके डीईओ के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
- कांवड़ यात्रा से पहले दो मोबाइल टॉयलट खरीदने पर भी स्वीकृति की मुहर लगा दी।
- स्ट्रीट लाइटस के लिए 200 ड्राइव्स उपकरण खरीद की स्वीकृति दी गई।
- बोर्ड अध्यक्ष द्वारा सीईओ ज्योति कुमार को सलाह दी गयी के बड़े टेक्स बकायेदारों व स्कूलों से वार्ता करके फिलहाल पुरानी दरों के हिसाब से या किसी अन्य समाधान से टैक्स जमा करवाया जाए, जिससे बोर्ड को रिवेन्यू प्राप्त हो सके। कैंट के चार स्कूल ऐसे हैं, जिन पर 22 करोड़ बकाया है। इन स्कूलों से यह धनराशि वसूलने के लिए भी कहा गया।
- बोर्ड अध्यक्ष कुछ सड़कों की रिपेयर की आवश्यकता को लेकर भी गम्भीर दिखे ओर उनके द्वारा सीईओ से ये पूछा गया के क्या इन सड़कों को एमईएस से बनवा सकते हैं।
- एमएलसी डा. सरोजनी अग्रवाल की विधायक निधि से लगने वाली इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए एनओसी दी गयी।
- सड़क निर्माण नाला सफाई आदि के डा. सतीश शर्मा के प्रस्ताव स्पेशल बोर्ड होने के कारण नही लगे। उन्हें इसी माह होने वाली जनरल बोर्ड बैठक में लाया जाएगा। बोर्ड बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर राजीव कुमार मुख्य अधिशासी अधिकारी ज्योती कुमार मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा व कार्यालय अधीक्षक जयपाल तोमर शामिल हुए।

