जनवाणी संवाददाता |
नकुड: शांतिनाथ भगवान को नमन करते हुए पर्युषण पर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म एवम रत्नत्रय की पूजा के साथ प्रारंभ हुआ। जैन धर्म के 16 वे तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान की पूजा विधि,-विधान के साथ सम्पन्न हुई, जिसमें उत्त्तम त्याग धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि आधी आय परिवार,एक चोथाई आपत्ति के लिए एवं एक चौथाई दान ही उत्त्तम त्याग है।
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं चंद्रप्रभु चैतालय में दस लक्षण पर्व के आठवें दिन आज उत्तम त्याग धर्म की पूजा के साथ शांतिनाथ भगवान एवं आदिनाथ भगवान जी को अर्घ्य समर्पित किए गए।जैन मिलन के महामंत्री पंकज जैन, राजेश जैन ने बताया कि विगत रात्रि श्री दिगंबर जैन आदिनाथ मंदिर में महिला जैन मिलन की ओर से आयोजित भजन पर नीरथ प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक सरिता जैन,बीना जैन, अंजलि जैन ने सिद्धि जैन,सिद्धार्थ जैन को प्रथम, नियति जैन,दक्ष जैन, को द्वितीय,आस्था जैन,गुनगुन जैन,प्रत्यक्ष जैन को तृतीय घोषित किया।इसी कड़ी में जैन एकता परिवार की ओर से आयोजित भजन प्रतियोगिता में निर्णायक राजेश जैन राजू,डॉ प्रिया जैन ने नियति जैन को प्रथम,आस्था जैन को दूसरा,सिद्धि जैन को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर संदीप जैन, अभिषेक जैन ,मुकेश जैन, राजेश जैन, राजेश जैन राजू, पंकज जैन, संयम जैन वर्धन जैन,संजीव जैन, वर्षा जैन, सरिता जैन, राखी जैन, नीतू जैन, प्रतिभा जैन, बीना जैन आदि का सहयोग रहा।

