Friday, March 27, 2026
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प्रतियोगी परीक्षाओं में घपले बाजी का हब बना वेस्ट यूपी

  • सेना, रेलवे या फिर बोर्ड परीक्षाएं, मुन्नाभाई मिल ही जाएंगे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: क्रांतिधरा और आसपास के जनपदों के युवा अपने परिश्रम और लगन से मंजिल हासिल करने के लिये जाने जाते हैं और सेना हो या फिर पुलिस की भर्ती इनमें वेस्ट यूपी के कई जनपदों के युवक अन्य लोगों के मुकाबले ज्यादा सफल होते हैं, लेकिन इन्हीं परिश्रमी लोगों में युवाओं का एक ऐसा गिरोह भी है जो मेहनत करने के बजाय घपलेबाजी और नकल करके मंजिल हासिल करने में लगा हुआ है।

जी हां! मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत के तमाम युवा मुन्नाभाई बनकर न केवल मोटी रकम कमा रहे हैं बल्कि युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। सही मायनों में देखा जाए तो वेस्ट यूपी के ये तीनों जनपद मुन्ना भाई के हब बन गए हैं।

मुजफ्फरनगर में इन दिनों सेना की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती चल रही है। मेरठ की आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर मुजफ्फरनगर में चार लोग पकड़े गए थे। इसके पहले एक फौजी को पकड़ कर घपले को उजागर किया गया था। सबसे ज्यादा घपलेबाजी पुलिस भर्ती में देखने को मिलती है। एसटीएफ मेरठ की टीम ने यूपी पुलिस परीक्षा में नकल का भंडाफोड़ करते हुए 22 सॉल्वर और छात्रों को गिरफ्तार किया था।

सभी सॉल्वर हरियाणा के थे और परीक्षार्थी वेस्ट यूपी के जिलों के रहने वाले थे। सॉल्वर गिरोह ने एक परीक्षार्थी से नकल के नाम पर 4 से 5 लाख रुपये वसूले थे। इन परीक्षाओं में मुन्नाभाई सप्लाई करने का ठेका बागपत के एक आरोपी पर था। पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन और नापतौल के लिए मेरठ जोन के नौ जिलों मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धगर, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली का पुलिस लाइन मेरठ में सेंटर बनाया गया था।

पुरुष वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन व नापतौल की गई तो घपलेबाजी का पता चला। बायोमेट्रिक जांच के दौरान छह से अधिक लोग पकड़े गए। पुलिस भर्ती में सबसे ज्यादा घपलेबाजी मुन्नाभाइयों द्वारा कराई गई। इसी तरह मुजफ्फरनगर में एमबीबीएस की परीक्षा देने वाले 12 मुन्नाभाई पकड़े गए थे। इसको लेकर काफी बवाल मचा था। छात्रों को ब्लूटूथ के जरिए नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

ये लोग सिर की विग, अंडरवियर में ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर नकल कर रहे थे। गंगानगर के एफआईटी कॉलेज में रेलवे ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से नकल करने वाले मुन्नाभाई को दबोचा गया था। दरअसल, मुन्नाभाइयों को मोटी रकम मिलने से उनके मन में लालच आ जाता है और इनके लालच से परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की जिंदगी तबाह हो जाती है। एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस अब तक दो सालों में 47 मुन्ना भाई पकड़ चुकी है।

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