Sunday, May 3, 2026
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विकास भवन के दफ्तरों में संभलकर आइएगा

  • डीपीआरओ और पशुपालन विभाग को छोड़कर हर कार्यालय की छतों से टपकते पानी ने किया बेहाल
  • दिन भर पानी साफ करके रिकॉर्ड और फर्नीचर को सुरक्षित रखने में जुटे रहे अधिकारी और कर्मचारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कलक्ट्रेट परिसर जिले के तमाम आलाधिकारियों के कार्यालयों का केन्द्र है। जहां प्रशासन के वे सभी अधिकारी मौजूद हैं, जिनके जिम्मे जिले के विकास का काम है। इन्हीं की नाक के नीचे बने विकास भवन की दूसरी मंजिल पर बने विभिन्न विभागों के कार्यालयों की छतों से टपकते पानी ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। इन विभागों में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी दिन भर पानी को साफ करके रिकार्ड और फर्नीचर को सुरक्षित करने में जुटे रहे, जिसके कारण इन कार्यालयों में कोई कामकाज तक नहीं हो सका।

मंगलवार को जनवाणी संवाददाता जब विकास भवन की दूसरी मंजिल तक पहुंचा, तो जीने में हर तरफ पानी रिसने से हुई फिसलन देखने को मिली। दूसरी मंजिल के पूरे फर्श पर छत से टपका पानी भरा हुआ मिला। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पंखुरी जैन के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि इस मंजिल के सभी कार्यालयों में छत से टपका पानी भर गया है,

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जिसे बार-बार साफ किया जा रहा है और रिकार्ड के साथ-साथ फर्नीचर को खराब होने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपने विभाग का कार्यालय दिखाते हुए बताया कि किसी भी जगह बैठकर काम करने की स्थिति नहीं है। राष्ट्रीय बचत विभाग के कार्यालय और हाल में यही स्थिति देखने को मिली।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना कार्यालय में अंदर तक छत से रिसता पानी भरा हुआ पाया गया। इसी के बगल में ले जाकर कर्मचारियों ने दिखाया कि छत से उखड़ा सीमेंट जीने से आने वाले लोगों के ऊपर गिरता रहता है। सीमेंट उखड़ जाने से छत के सरिये नजर आ रहे हैं, और यह भाग गिरने की स्थिति में पहुंच गया है।

इसके बराबर में स्थित जिला सहायक सहकारी निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में छत से पानी का रिसाव होता रहा, और वहां के अधिकारी कर्मचारी अभिलेखों और कुर्सी-मेज को बचाने तथा साफ करने में लगे रहे। दूसरी ओर बने आरईएस और लघु सिंचाई विभाग के कार्यालयों में भी यही स्थिति देखने को मिली,

जहां छत से रिसते पानी के बीच अधिकारी जा चुके थे, जबकि कर्मचारी बार बार वाइपर लेकर फर्श से पानी साफ करने और कपड़े से कुर्सी मेज को सुखाने का प्रयास करते देखे गए। इस फ्लोर पर केवल जिला परियोजना अधिकारी और पशु पालन विभाग के कार्यालय ही ऐसे मिले, जहां पानी के रिसाव के हालत नहीं बने। इसका कारण बताया गया कि डीपीआरओ कार्यालय की छत कुछ अरसा पहले ही सही कराई गई है।

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जबकि पशुपालन विभाग के कार्यालय के ऊपर कमरा बना हुआ है। जनवाणी संवाददाता ने पानी रिसाव का कारण जानने के लिए छत का जायजा लिया। जहां देखने में आया कि छत का प्लास्टर रखरखाव के अभाव में उखड़ चुका है। जिसमें पानी जमा होने के बाद बूंद-बूंद बनकर पूरे फ्लोर को भिगो देने का कारण बन रहा है। विकास भवन की इस स्थिति के बारे में पूछने पर नाजिर नौरत्न का कहना था कि इस बारे में अधिकारियों ने आरईएस विभाग से मरम्मत का काम तत्काल कराने को कहा है।

बिल्डिंग नई, फिर भी ये हालत

विकास भवन की बिल्डिंग नई है, लेकिन झमाझम बारिश से सबकुछ गीला-गीला हो गया। इसको लेकर बिल्डिंग पर सवालिया निशान उठ रहे हैं कि बिल्डिंग नई होने के बावजूद इतनी जल्दी छत कैसे टपक सकती है। बिल्डिंग की हालत देखकर ये ही लगता है कि यह बिल्डिंग काफी पुरानी है। जिसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

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