- सवा तीन करोड़ से भरे जाएंगे सड़कों के ‘नासूर जख्म’
- अधिशासी अभियन्ता बोले, शुरू होगी गड्ढा भरो मुहिम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सड़कों की बदहालों को लेकर ‘जनवाणी’ एक बार फिर से रंग लाई है। लोक निर्माण विभाग शीघ्र ही जिले की छलनी हो चुकी सड़कों पर सवा तीन करोड़ रुपये का मरहम लगाएगा। मरहम लगाकर नासूर बन चुकी सड़कों के जख्मों को भरा जाएगा। इस संबध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता एसके सारस्वत ने बताया कि गड्ढा युक्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं और शीघ्र ही सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
दैनिक जनवाणी ने अपने शनिवार के अंक में ‘कैसे भरेंगे गड्ढे, बजट नाकाफी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था जिसके बाद विभाग ने सफाई देते हुए कहा कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए शासन से लगभग सवा तीन करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। इस पैसे से सभी गड्ढा युक्त सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का काम शीघ्र शुरू कराया जा रहा है। इस समय जिले भर में कई सड़कें ऐसी हैं जिन पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो चुका है।

उधर, नवम्बर में चीनी मिलें चलना प्रस्तावित है लिहाजा ऐसे में गन्ना लदे बड़े वाहन इन सड़कों पर कैसे चल पाएंगे यह अपने आप में बड़ा सवाल है। गैरतलब है कि चीनी मिले चालू होने पर भैंस बुग्गियों के अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व बड़े ट्रक गन्ने लादकर इन्ही क्षतिग्रस्त मार्गों से होकर चीनी मिलों तक पहुंचते हैं।
बकाया भुगतान नहीं, ठेकेदारों से कैसे करवाओगे काम?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गड्ढा मुक्त सड़कों को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेरठ में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी आखिरकार ठेकेदारों से काम किस आधार पर करवाएंगे। ठेकेदारों का कहना है कि अभी पिछला भुगतान ही नहीं हो पाया है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो जाता है कि कहीं ठेकेदार अन्तिम समय पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मंसूबों पर पानी न फेर दें।
बकाया भुगतान के लिए दो दिन पूर्व ही ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत से मिला था। बताया जाता है कि सात से आठ ठेकेदार ऐसे हैं जिनसे पूर्व में गड्ढे भरवाए गए, लेकिन आज तक भी उनका भुगतान पीडब्ल्यूडी ने नहीं किया। एक ठेकेदार ने तो यहां तक आरोप लगाया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के अवसर पर जब केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी मेरठ आए थे

तब उस समय उनके हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के बनवाए गए हेलीपेड का भुगतान विभाग द्वारा आज तक भी नहीं किया गया। इन सब के चलते यही सवाल खड़ा होता है कि यदि ठेकेदार बिना बकाया भुगतान लिए भविष्य में काम करने से हाथ खड़ा कर दें तो विभाग क्या करेगा। हालांकि अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत का कहना है कि ठेकेदारों का बकाया भुगतान 10 नवम्बर तक कर दिया जाएगा और जो काम भविष्य में होने हैं। उनके लिए पहले से ही ठेकेदारों को चिन्ह्ति कर लिया गया है।

