Thursday, June 18, 2026
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अवैध डेयरियों ने बिगाड़ दी वार्ड की सूरत

वार्ड-87: पार्षद का रिपोर्ट कार्ड

  • डेयरियों से निकलने वाले गोबर से नाला और सीवर लाइन चोक, जलनिकासी बाधित

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जाकिर हुसैन कॉलोनी दक्षिणी के नाम से बने वार्ड-87 में अवैध डेयरियों ने समूचे वार्ड की हालत बिगाड़कर रख दी है। इन डेयरियों ने निकलने वाले गोबर को नालों और सीवर लाइन में बहा दिया जाता है, जिनके कारण जलनिकासी की समस्या बड़ा रूप धारण कर चुकी है।

वार्ड-87 में जाकिर हुसैन कालोनी दक्षिणी के मकान नंबर 1167 से 2592 तक को शामिल किया गया है। इस वार्ड में मतदाताओं की संख्या 11 हजार से अधिक बताई गई है। मौजूदा बोर्ड में जरीना पत्नी सिराजुद्दीन नगर निगम में पार्षद के तौर पर इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वार्ड की समस्याओं और स्थिति को लेकर पूर्व पार्षद डॉ. इरफान सैफी, आमिर खान, शहजाद सैफी, आस मोहम्मद, हाजी नौशाद मलिक, मोहम्मद सद्दाम आदि से बात की गई।

जिसमें यह बात सामने आई कि वार्ड में हर तरफ अवैध डेयरियों का संचालन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते किया जा रहा है। डेयरी संचालकों को वार्ड में होने वाली गंदगी, अवरुद्ध जलनिकासी और गलियों में भरने वाले गंदे पानी से कोई सरोकार नहीं रह गया है। डेयरी संचालक गोबर और डेयरी की दूसरी गंदगी को नालों से लेकर सीवर लाइन तक में बहा देते हैं।

जिसके कारण समूचे वार्ड में नाले और सीवर लाइन चोक होने से जलभराव के हालात बने रहते हैं। ज्यादा शिकायत होने पर इन डेयरियों को नोटिस जारी करके इतिश्री कर ली जाती है। लेकिन इन पर कोई कार्रवाई करने की जहमत आज तक अधिकारियों ने नहीं उठाई है। वार्ड में निर्माण कार्य ऐसे नहीं हैं, जिनको बीते पांच साल की उपलब्धि के तौर पर देखा जा सके। यहां की अधिकतर गलियां टूटी-फूटी अवस्था में देखने को मिलती है।

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इसका एक बड़ा कारण सीवर लाइन बिछाने के दौरान की गई खुदाई, और उसके बाद मरम्मत का न किया जाना भी बताया गया है। पूर्व पार्षद डा. इरफान सैफी तो यहां तक दावा करते हैं कि 2012 से 17 के बीच में जो निर्माण कार्य कराए गए, मौजूदा बोर्ड में नगर निगम के अधिकारी और पार्षद इनकी मरम्मत तक नहीं करा सके। इसी कारण वार्ड में जिधर से भी गुजरते हैं, टूटी फूटी सड़कें, सीवर लाइन गंदगी से अंटी नालियां देखने को मिलती हैं।

यहां पेयजल आपूर्ति के लिए फतेउल्लापुर रोड पर टंकी है, उसी से आपूर्ति पाइप लाइन कई जगह से टूटी फूटी अवस्था में है। वार्ड के लोगों का यह भी कहना है कि जियो मैपिंग के नाम पर वार्ड में हाउस टैक्स हजारों रुपये लगा दिया गया है। जबकि इस वार्ड में ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। जिनके लिए इतना भारी भरकम टैक्स जमा करना आसान नहीं है।

शहजाद सैफी का कहना है कि गली नम्बर 21 में नाला का लेवल ऊंचा कर दिया है, जिसके कारण करीब 100 घरों और गलियों में पानी आ जाता है। वार्ड में कई जगह सीवर चोक है, जिसके कारण पानी उबालकर ऊपर निकल आता है। इसके अलावा वार्ड के लोगों की प्रमुख शिकायत है कि यहां बिजली के कनेक्शन क्षमता से अधिक दे दिए गए हैं। जिनके अनुरूप अभी तक नए ट्रांसफार्मर नहीं रखे गए हैं।

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पुराने ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, जिसके कारण फ्यूज उड़ते रहते हैं। लोगों ने बताया कि गली नंबर 17 में 10 एचपी का मोटर जो पंप के लिए लगाया गया था, वह चोरी कर लिया गया। लेकिन इसके संबंध में आज तक कोई कार्रवाई करके दूसरा मोटर लगवाने की व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि गली नम्बर दो में नलकूप अभी कुछ समय पहले ही ठीक कराया जा सका है, जिसके बाद आंशिक रूप से राहत मिली है।

पार्षद का कथन

वार्ड-87 की पार्षद जरीना का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 41 गलियों और नालियों का निर्माण कराया है। इसके अलावा मेन रोड हापुड़ से लेकर फतेउल्लापुर तक जाने वाले रास्ते के निर्माण के प्रयास करते हुए अवस्थापना निधि से करीब 57 लाख रुपये का 600 मीटर रास्ता बनवाने का इस्टीमेट तैयार कराया है। मैन रास्ते पर चमड़ा पैंठ से एल ब्लाक तिराहे तक कच्चा नाला बनवाने के लिए 40 रुपये की लागत से फाइल तैयार कराई है।

हालांकि यह दोनों काम उनके कार्यकाल में पारित और स्वीकृत होने का इंतजार करते रहे, जिसका उन्हें मलाल है। इसके अलावा डेयरियों से निकलने वाले गोबर के नालियों में बहा दिए जाने की बात स्वीकार करते हुए पार्षद का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों का कई बार इस ओर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है।

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