Friday, March 13, 2026
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सम्मेद शिखर बचाव आंदोलन में जैन समाज ने निकाला पैदल मार्च

  • सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने से नाराज है समाज
  • शामली में डीएम, कैराना में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया

जनवाणी संवाददाता |

शामली: झारखंड राज्य में जैन समाज के पवित्र तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के विरोध में शामली, कैराना और गढ़ीपुख्ता में जैन समाज के लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च भी निकाला गया। जैन समाज ने शामली जिलाधिकारी, कैराना में एसडीएम और गढ़ीपुख्ता में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को शामली शहर के जैन धर्मशाला में सकल जैन समाज के तत्वावधान में जैन समाज के लोग अपनी दुकानें बंद कर इकट्ठा हुए।

जहां से समाज के लोगों ने हाथों में ध्वज लेकर पैदल मार्च निकाला। मार्च शहर के तालाब रोड, मिल रोड, अग्रसैन पार्क, शिव चौक, रेलवे रोड को होता हुआ संपन्न हुई। इस दौरान जैन धर्मशाला में पहुंची जिलाधिकारी जसजीत कौर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि जैन समाज का पावन तीर्थ सम्मेद शिखर जहां से 24 में से 20 जैन तीर्थकर मोक्ष गए है जैन समाज के लिए सदियों से वंदनीय है। लेकिन झारखंड सरकार की अनुसंशा पर केन्द्रीय वन मंत्रालय द्वारा 2 अगस्त 2019 को अधिसूचना जारी कर श्री सम्मेद शिखर को वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग घोषित किया गया है। जिसके कारण पर्यावरण, पर्यटन व गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है। जैन समाज मांग करता है कि केन्द्र सरकार उक्त अधिसूचना को तुरंत वापस ले तथा सम्मेद शिखर को जैन पवित्र तीर्थ स्थल घोषित करे।

इस अवसर पर आलोक जैन, प्रवीन जैन, मोहित जैन, पंकज जैन, शिशिर जैन, अशोक जैन, सचिन जैन, मयंक जैन आदि मौजूद रहे।

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